Porn Mom Adult Kahani – मां को पकड़ा पोर्न देखते हुए – LustMasti1 min read

पोर्न मॅाम एडल्ट कहानी में मैंने एक रात मम्मी पापा की चुदाई देखी, पापा माँ को मजा नहीं दे पाए. फिर एक दिन मम्मी को मैंने मेरे फोन में ब्लू फिल्म देखते पकड़ा.

दोस्तो, मेरा नाम अमित है और मैं 21 साल का हूँ.
मैं एम.पी. का रहने वाला हूँ.

आज मैं आपको पोर्न मॅाम एडल्ट कहानी में बताता हूँ कि मैंने अपनी मॉम को कैसे चोदा और उन्हें ब्लू फिल्म देखते हुए पकड़ा.

हमारे घर में सिर्फ़ मैं, पापा और मॉम ही रहते हैं.

मेरी मॉम का नाम कुसुम देवी है.
उनका फिगर 36-32-40 की है.
उनकी गांड बहुत बड़ी और भारी है, वे चलती हैं तो उनकी गांड ज़ोर-ज़ोर से मटकती है.

मेरी मॉम बाहर से एकदम सीधी-सादी घरेलू औरत लगती हैं, पर अन्दर से वे बहुत बड़ी वाली चुदक्कड़ हैं.

एक दिन मैं घर पर था, अपने कमरे में सेक्स वीडियो देखकर मुठ मार रहा था.
लंड से माल निकलते ही मैं बाहर चला गया और भूल से अपने फोन को कमरे में छोड़ आया.

जब मैं वापस आया तो देखा मॉम मेरे फोन पर कुछ कर रही थीं.

मुझे अन्दर आते देख मॉम ने तुरंत फोन बंद कर दिया.
मुझे लगा कि उन्हें मेरे फ़ोन से कोई काम होगा, पर जब मैंने फ़ोन की गूगल हिस्ट्री चेक की तो पता चला कि मॉम पोर्न देख रही थीं.

उसी रात मैंने उनके रूम में झाँका.
मॉम पापा का लौड़ा चूस रही थीं.

पापा को चुदाई में ज़्यादा इंटरेस्ट नहीं था, तो वे बिना किसी उत्तेजना के चित पड़े थे.
मॉम खुद ही सब कर रही थीं.

जब पापा का लंड कड़क हो गया तो मॉम खुद पापा के लौड़े पर अपनी चुत फंसा कर बैठ गईं.
उन्होंने पापा के लंड को हाथ से पकड़ कर अपनी चुत में अन्दर ले लिया और खुद ही उछलने लगीं.

लंड चुत में मस्ती देने लगा तो मॉम ज़ोर-ज़ोर से कराहने लगीं- ओह्ह … ओह्ह … आईई… उई माँ … आआह्ह्ह … अमित के पापा … चोदो न मुझे … आह बहुत भूखी हूँ मैं … कब से चुत में आग लगी है … आह्ह … ओह्ह …

कुछ देर बाद पापा को भी जोश चढ़ गया और उन्होंने मॉम की चूचियां पकड़ लीं.

वे मॉम की रस भरी मोटी मोटी चूचियों को ज़ोर-ज़ोर से चूसने-काटने लगे.
मॉम दर्द से चिल्लाने लगीं- आह्ह्ह अमित के पापा जी … आह थोड़ा धीरे-धीरे चूसो ना … लगती है यार … मैं कहीं भागी नहीं जा रही … आआह्ह्ह … ऊऊम्म्म … ओह माँ.

कुछ देर बाद पापा ने मॉम को नीचे लिटाया और ज़ोर-ज़ोर के धक्के देने लगे.
मॉम को और जोश चढ़ा, तो वे नीचे से कूल्हे उठा-उठाकर पूरा साथ देने लगीं.

उन दोनों की चुदाई में अभी थोड़ी ही देर हुई थी कि पापा झड़ने लगे.

मॉम ने नाराज़गी जताई- अरे यार अमित के पापा, आपका हर बार जल्दी हो जाता है … आप मुझे संतुष्ट क्यों नहीं कर पाते!
पापा- तुम रंडी हो क्या … जो इतनी चुदक्कड़ हो रही हो? सो जाओ चुपचाप! बहन की लौड़ी को लंड की ही पड़ी रहती है!

मॉम नाराज़ होकर साइड हो गईं और अपनी चूत में उंगलियां डालकर खुद ही अपनी चुत को रगड़ने लगीं.
कुछ देर में उनका पानी निकल गया और वे सो गईं.

अगले दिन मैंने जानबूझ कर उन्हें फोन दे दिया और बाहर जाने का नाटक किया.

बाहर जाने के तुरंत बाद मैं पीछे के दरवाज़े से घर में घुस गया और छिपकर देखा.
मॉम मेरे फोन पर पोर्न देख रही थीं और अपनी फुद्दी मसल रही थीं.

जोश चढ़ते ही उन्होंने गाउन उतार दिया.
वे पूरी नंगी हो गईं और फुद्दी में उंगलियां डालकर ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगीं.

मॉम- ओह्ह्ह … आआआह्ह … ऊऊऊ … उउम्म्म … आह्ह … ओहोओ!
कुछ देर बाद उनका पानी निकल गया और वे नॉर्मल हो गईं.

ये सिलसिला अब रोज़ चलने लगा.

तब मैंने ठान लिया कि मॉम को चोदकर रहूँगा.

एक दिन पापा किसी काम से बाहर गए.
मैं मॉम के रूम में जाकर सो गया.

रात को जान-बूझकर फोन उन्हें दे दिया और सोने का नाटक करने लगा.
उन्हें लगा मैं सो गया हूँ तो वे पोर्न देखने लगीं और फुद्दी मसलने लगीं.

फिर मैं अचानक से उठ कर बैठ गया और उन्हें देखने का नाटक करते हुए आश्चर्य जताने लगा.
मैं- मॉम ये आप क्या कर रही हो? आपको शर्म नहीं आती इतनी गंदी चीज़ें देखते हुए?

मॉम एकदम घबरा गईं और हाथ जोड़कर बोलीं- बेटा … प्लीज़ मुझे माफ कर दे … मैं खुद को रोक नहीं पाई!

मैंने थोड़ा गुस्सा दिखाते हुए और खुलते हुए कहा- क्या पापा आपको चोदते नहीं कि आप अपने बेटे के फोन में ये सब देख रही हो? आपको शर्म आनी चाहिए मॉम!

मॉम भी शायद मेरे साथ खुलने के मूड में थीं.
वे बोलीं- बेटा, तेरे पापा को तो काम से फुर्सत ही कहां मिलती है, जो मेरा ख्याल रखें … इसलिए मैंने ये रास्ता चुना.

मैं- जो भी हो मॉम, ये गलत है. आपको मेरे फोन में ये सब नहीं देखना चाहिए था!

मॉम को लगा कि मैं पापा को बता दूँगा. वे डर गईं और गिड़गिड़ाने लगीं- बेटा प्लीज़ … मुझे माफ कर दे … आगे से कभी नहीं देखूँगी … प्लीज़ तू अपने पापा को कुछ मत बताना!

मैं- ठीक है … लेकिन एक शर्त पर!
मॉम- कैसी शर्त बेटा?
मैं- जो मैं बोलूँ, वह आपको करना पड़ेगा!
मॉम- मुझे सब मंजूर है बेटा … तू जो कहेगा मैं करूँगी … बस किसी को कुछ मत बताना!

मैं- ठीक है मॉम, मैं किसी को नहीं बताऊंगा … लेकिन आपको मेरे साथ सेक्स करना पड़ेगा!

मॉम- बेटा तू ऐसा कैसे कह सकता है? मैं तेरी माँ हूँ … ये सब बहुत गलत है. प्लीज़ मुझे माफ कर दे … मैं ऐसा नहीं कर सकती.

मैं- अच्छा? आप पोर्न देखकर मुठ मार रही थीं, वह सही था? ठीक है, कोई बात नहीं … मैं अभी पापा को सब बता देता हूँ!

मॉम तुरंत टूट गईं- नहीं बेटा … तू जो बोलेगा मैं वही करूँगी … बस तू किसी को मत बताना प्लीज़!

मॉम के इतना कहते ही मैंने उन्हें ज़ोर से किस करना शुरू कर दिया.
वे पहले तो मुझे धक्का दे रही थीं, पर मैंने कसकर जकड़ लिया.
मैं उनके मम्मे ज़ोर-ज़ोर से रगड़ने लगा.

अब वे भी जोश में आ गईं और कराहने लगीं- आह्ह … ओहो … उउम्म्म … ओह उम्म्म … आआह्ह्ह … बेटा और ज़ोर से रगड़ मेरे बोबे … आह्ह … ओहो … उम्म्म … ज़ोर से … आह्ह!

मैं- हां मॉम … मैं तुम्हें बहुत चोदूँगा … आह्ह … आह्ह … ओह्ह … लव यू मॉम…
मॉम- लव यू टू बेटा … खूब ज़ोर ज़ोर से रगड़ मुझे … मेरी सारी गर्मी निकाल दे आज … कितने दिनों से प्यासी हूँ बेटा!

मैं- हां मॉम … आज मैं तेरी फुद्दी खूब रगड़ूँगा … देखना तू!

फिर मैं उनके बोबे ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा.
वे मेरे लौड़े पर हाथ फेर रही थीं.

मैंने अपना लौड़ा उनके मुँह में दे दिया.
मॉम ने खूब ज़ोर-ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया.

मैं तो समझो जन्नत में पहुंच गया था.

मॉम- ओऊऊ … आह्ह … ओह्ह बेटा तेरा लौड़ा बहुत गर्म और मोटा है … तेरे बाप का तो इससे आधा भी नहीं… आए ऊओओ ऊउम्म… आह्ह!

पाठिकाओं को बता दूं कि मेरा लौड़ा 7 इंच का है.

मैं- हां मेरी चुदक्कड़ मॉम … चूस अपने बेटे का लौड़ा आह चूस … साली रंडी … खा ले पूरा लंड … आह मॉम तेरा ही है ये अब से … ज़ोर से चूस!

मॉम- आह्ह … ओह्ह … ऊऊऊई … उम्म्म … बेटा अब रहा नहीं जाता. अपना लौड़ा मेरी फुद्दी में डालो जल्दी!

यह सुनते ही मैंने मॉम को लिटाया, उनकी चूचियों को खूब पिया और चूसा.
फिर पोजीशन बनाई, लौड़ा फुद्दी पर सैट किया और एक ज़ोरदार धक्का दे मारा.

शायद मॉम इस धक्के के लिए तैयार नहीं थीं इसलिए लंड घुसवाते ही वे ज़ोर से चीख पड़ीं- ओह माई गॉड … बेटा … आईई आह्ह … उम्म्म्म … आय्यी … इतना ज़ोर से मत करो … मर जाऊंगी मैं … दर्द हो रहा है बेटा … आराम से चोदो अपनी मॉम को!’

मैं उनकी बात को अनसुनी करते हुए तेज तेज झटके मारने लगा.
हर धक्के पर उनके बड़े-बड़े बोबे उछल रहे थे.

दोस्तो, मॉम को चोदने में जो मज़ा आ रहा था, वह मैं बयान ही नहीं कर सकता हूँ.

मॉम- आह्ह … बेटा … चोद अपनी मॉम को … ज़ोर से पेल … अपना लंड फाड़ दो मेरी चूत को … आह्ह … ओह्ह्ह… ऊऊऊऊ … ओये मादरचोद आह … और ज़ोर से कर साले … आह मज़ा आ रहा है … आह्ह …

मैं- हां मेरी रंडी मॉम … आज तुझे खूब चोदूँगा … आए हाय … कितनी मस्त रांड है तू ओह्ह … मॉम लव यू.

मॉम- आआह्ह्ह बेटा … तेरे पापा को तो मुझे चोदने की फुर्सत ही नहीं मिलती … और वह साला जल्दी झड़ जाता है … ठीक से चोदता भी नहीं मुझे!
मैंने कहा- हां देखा है मैंने मॉम … बड़ी प्यासी है तू! पापा का लंड जल्दी झड़ जाता है और तुझे फिंगर फक करना पड़ता है!

मॉम ने भी एक रहस्य उजागर कर दिया- हां मेरे लाल … मुझे मालूम था कि मेरा बेटा ही मुझे ठंडी कर सकता है इसी लिए तो तेरे मोबाईल से पॉर्न देखती थी और तुझे दिखाने के लिए तेरे बाप से चुदते समय खिड़की खोल कर रखती थी ताकि तू मुझे प्यासा देख ले और मुझे चोद दे.
‘अरे साली रंडी … मैं समझता था कि मैंने तुझे सैट किया पर इधर तो मैं ही तेरे जाल में फंस गया … साली बड़ी कुत्ती चीज है तू मॉम … आह लेकिन तू मस्त माल है … ले आज से मैं ही तेरा हजबैंड हूँ!’

अब हम दोनों हंस हंस कर चुदाई का मजा लेने लगे थे.

कुछ देर बाद मैंने मॉम को अपने ऊपर बिठाया, उनकी चूत में लौड़ा पेला और ज़ोर-ज़ोर से ठोकने लगा.
मेरी पोर्न मॅाम मस्ती से चिल्ला रही थीं और खुद अपने बोबे मसल रही थीं.

मॉम- आह्ह … बेटा… चोद दे अपनी मॉम को … और ज़ोर-ज़ोर से चोद … साले निकाल दे मेरी सारी गर्मी … आह … ओह्ह … उउम्म्म … ओहोओ … बेटा चोद अपनी मॉम को … खा ले पूरा मुझे … कितने दिनों की भूखी है मेरी चुत … आज सारी भूख मिटा दे!’

मैं- हां मेरी रंडी मॉम … आज तू पूरी रात चुदेगी … आह्ह … ओह्ह … मॉम मज़ा आ रहा है … आओ … हम्म्म … आह्ह्हा … मॉम पीछे घूम जाओ!

फिर मैंने मॉम को डॉगी स्टाइल में किया और अपना लंड एक झटके में घुसेड़ दिया और पूरा अन्दर तक चला गया.

मॉम एडल्ट बातें बोल रही थी- ओह्ह … ओह्ह … आए… उम्म्म … आआह्ह्ह … बेटा मैं झड़ रही हूँ … ज़ोर से पेल मुझे … चोद बेटा … जी भर के चोद … तेरे बाप ने भी आज तक मुझे ऐसा नहीं चोदा … आह ज़ोर ज़ोर से धक्का मार बेटे … मेरी गांड पर थप्पड़ जड़ … साले चोद अपनी रंडी मॉम को … आह्ह …!

मैं झड़ने के करीब था. इसी बीच मॉम दो बार झड़ चुकी थीं.

मैंने कहा- मॉम मैं झड़ने वाला हूँ!
मॉम- बेटा अन्दर ही झड़ जाओ … मैं तुम्हारा पानी अन्दर लेना चाहती हूँ. मेरा भोसड़ा फिर हरा कर दे … आह्ह … ओह्ह … ऊऊईई … उम्म्म … बेटा कितने दिनों की प्यासी चुत है … आज तू ही इसकी खाज मिटा दे!’

फिर 4-5 ज़ोर के धक्के लगाकर मैं मॉम की चूत में ही झड़ गया और उनके ऊपर निढाल होकर गिर पड़ा.

कुछ देर बाद मॉम ने मेरा लंड चूसकर साफ किया और बाथरूम जाने लगीं.
मैं थककर सो गया.

उस रात मैंने मॉम को दो बार और चोदा.

अब जब भी मन करता है, हम दोनों चुदाई का मजा ले लेते हैं.

तो दोस्तो, कैसी लगी आपको मेरी पोर्न मॅाम एडल्ट कहानी?
प्लीज़ कमेंट ज़रूर कीजिए.
धन्यवाद.

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