Dirty Wife Sex Kahani – मेड को बेटी बनाकर उससे सेक्स की तैयारी1 min read

डर्टी वाइफ सेक्स कहानी में मेरी बीवी बहुत सेक्सी चुदक्कड़ है. एक बार उसे हमारे नौकर की बीवी पसंद आ गयी. उसने मुझे बताया कि वह उसके साथ लेस्बियन करना चाहती है.

नमस्कार दोस्तो, मैं मानस पाटिल एक बार फिर से आपके लौड़े और चूत में वासना की आग भड़काने हेतु एकदम नई और गर्मागर्म सेक्स कहानी लेकर हाज़िर हूँ.

सबसे पहले पुराने और नए सभी पाठकों को बता दूँ कि ये सेक्स कहानी पूरी तरह काल्पनिक कथा है.
इसे मैंने अपनी एक खास सहेली की खुशी और आप सबकी चुदाई की भूख के लिए लिखा है.
उम्मीद है कि मेरी यह सेक्स कहानी भी आपको पसंद आएगी और आपका लंड-चूत दोनों खूब रस छोड़ेंगे.

आप सब तो मुझे जानते ही हैं, फिर भी नए पाठकों के लिए दोहरा देता हूँ.
मैंने ऊपर भी लिखा है और पुनः बता रहा हूँ कि मेरा नाम मानस पाटिल है.

मैं पिछले 15 सालों से लंदन में रहता हूँ. उम्र सिर्फ 48 साल की है, लेकिन अब तक 80 से ज़्यादा मादक, भरी-पूरी औरतों की चूत की सेवा पूरे दिल-ओ-जान से की है.

चलो अब आपको मिलवाता हूँ अपनी उस सहेली से जो इस डर्टी वाइफ सेक्स कहानी में मेरी बीवी का किरदार निभाएगी.
उसका नाम सविता है.

अभी 44 साल की सविता चुदाई और वासना की जीती-जागती मूरत है.
दस साल की दोस्ती में मैंने सैकड़ों बार उसकी जवानी का रस चूस-चूस कर पिया है.

एकदम राउंड आकार के 38C साइज़ वाली ब्रा में उसके मस्त चूचे इतने ठोस हैं कि ब्रा में ठूंस-ठूंस कर दबाने पड़ते हैं.

उसकी कमर 34 की है, पेट थोड़ा सा बाहर निकला हुआ है.
लेकिन हचक कर चोदने लायक माल है.

उसकी भूरी सी गांड और मदमस्त रसभरे चूतड़ों का तो कहना ही क्या है साहेब … मैं ऐसा एक भी मर्द नहीं देखा, जिसने सविता की गांड देखकर लंड न पकड़ा और सहलाया हो.
मैंने कई बार देखा है कि सारे मर्द पलट-पलट कर मेरी बीवी की गांड को आंखों से ही चोद डालते हैं.

अब मिलिए हमारे तीसरे किरदार से, जो इस सेक्स कहानी में मेरी और सविता की बेटी बनकर आएगी.
उसका नाम फ़रज़ाना है.

वह हमारे घर के चौकीदार बिलाल भाई की बेगम है.

आआह्ह्ह … फ़रज़ाना का नाम जुबान पर आते ही मेरा लौड़ा झनझना उठता है.

वह 25 साल की हवस से भरी हुई कामुक लड़की अपने निकम्मे शौहर से परेशान थी.
उसके 36 इंच के उभरे-सुडौल स्तन, 32 की पतली कमरिया और 38 के फूले हुए मस्त चूतड़ हैं.

मुझे यकीन है कि उसकी देहयष्टि का आकार सुनकर आपका लंड भी खड़ा हो कर मस्त हो गया होगा … है ना?

बात उस वक्त की है, जब हमारी इकलौती बेटी शिवानी, शादी करके अपने पति के पास अमेरिका चली गई.
लंदन में लंबा वक्त बिताने के बाद मैं और सविता ने स्वदेश लौटने का फैसला किया.

चूंकि हम दोनों महाराष्ट्र के ही हैं, तो हमने पुणे को अपना ठिकाना चुना.
शहर से थोड़ी दूर एक शानदार कोठी और कुछ खेत खरीद लिए.

भगवान की कृपा और सविता जैसी रसीली बीवी की वजह से पैसे-दौलत की कोई कमी नहीं थी.
कोठी शहर से दूर होने की वजह से सुरक्षा के लिए हमने चौकीदार रखने का फैसला किया.

पड़ोसी ने बिलाल का नाम सुझाया.

हमने भरोसा करके उसे घर की सुरक्षा का जिम्मा दे दिया.
बंगले के पीछे बने आउटहाउस को उसका क्वार्टर बना दिया.

पहले कुछ महीने तक वह अकेला रहा, फिर एक दिन उसने अपनी बेगम फ़रज़ाना को भी गांव से बुला लिया.

हमें भी अच्छा लगा कि फ़रज़ाना सविता की घर के कामों में मदद कर लेगी.
शुरू-शुरू में वह हमेशा बुर्का पहनती थी लेकिन शहर की हवा और सविता के समझाने पर अब सिर्फ सलवार कुर्ता पहनने लगी.

जिस दिन मैंने फ़रज़ाना को पहली बार बिना बुर्के के देखा, सच मानो मेरे लौड़े में आग लग गई.
उसका गदराया हुआ बदन देखकर मैंने जैसे-तैसे खुद को काबू में रखा.

खैर … धीरे-धीरे बिलाल और फ़रज़ाना हमसे अच्छे से घुल-मिल गए.
सविता की संगत में रहकर फ़रज़ाना भी खुलने लगी और मुझसे बेझिझक बात करने लगी.

जब भी वह मेरे सामने आती, मेरी नज़रें खुद-ब-खुद उसके जवान चूचों और फूली हुई गांड पर अटक जातीं.
हां, मेरी और सविता की उम्र थोड़ी ज्यादा थी, पर हमारी वासना हर रात उफान पर रहती थी.

सविता तो खुद नंगी होकर मेरा लौड़ा पकड़ लेती और चिल्लाती- चल आज फिर चोद मुझे!
शादी के इतने साल बाद भी एक-दूसरे के बदन की ऐसी भूख थी कि शायद ही आपने कहीं देखी हो.

संभोग के मामले में हमारे विचार बिल्कुल खुले थे.
विदेश में इतने साल रहने की वजह से हमने सेक्स का खुलकर मजा लिया था.

अश्लील पार्टियों में जाना, किसी शादीशुदा जोड़े के साथ बीवियों की अदला-बदली करना … या किसी जवान लड़की को सविता के साथ लेस्बियन करवाना.
ऐसे ढेर सारे कारनामे कर चुके थे हम!

मुझे आज भी याद है, शादी की दसवीं सालगिरह पर मैंने सविता को गिफ्ट में एक काला नीग्रो लाकर दिया था.
मेरे सामने ही उस नीग्रो ने सविता की चूत और गांड को ऐसा मारा कि सविता आज तक मेरी गुलाम बनी हुई है.

छोड़ो वे पुरानी बातें … याद करके ही लौड़े में सुरसुरी होने लगती है.

दिन बीतते गए.
फ़रज़ाना को चोदने की मेरी वासना अब जोर पकड़ने लगी.
कई बार तो रात में मैं सविता को फ़रज़ाना समझ कर ऐसे पेलता कि सुबह उसे चलने में तकलीफ हो जाती.

एक दोपहर मैं और सविता खाना खाने बाहर गए थे.
लौटते वक्त हमें थोड़ी देर हो गई.

गाड़ी बंगले के फाटक पर खड़ी करके मैं बिलाल का इंतज़ार करने लगा.
काफी देर तक वह नहीं दिखा तो मैंने खुद फाटक खोला और गाड़ी अन्दर लगा दी.

सविता को खाने के बाद काफी आलस चढ़ रहा था, तो वह तुरंत सोने चली गई.
मैं बिलाल को ढूंढते ढूंढते उसके कमरे की तरफ बढ़ा.

दरवाज़ा खटखटाने ही वाला था कि अन्दर से आ रही कामुक सिसकारियां सुनकर मेरे कान खड़े हो गए.

संभोग के हर पहलू से वाकिफ मेरे कानों ने तुरंत पकड़ लिया.
हमारे न होने पर बिलाल मियां अपनी बेगम की चूत चुदाई का मजा ले रहे थे.

कौतूहल से मैंने खिड़की से झांका तो नज़ारा देखकर लौड़ा तन गया.

बिलाल फ़रज़ाना की चूत में अपना लंड डालकर उस पर चढ़ाई कर रहा था.
फ़रज़ाना आंखें बंद किए टांगें फैलाकर पूरा मज़ा ले रही थी.

उसके नंगे फूले हुए चूचे देखकर मेरे बदन में आग लग गई.

फ़रज़ाना गांड उठा-उठाकर धक्के खा ही रही थी कि तभी बिलाल मियां की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई और उसने फ़रज़ाना की चूत अपने माल से भर दी.

बिलाल को इतनी जल्दी झड़ता देख फ़रज़ाना गुस्से में बोली- अरे मियां, कभी तो ठंडक दे दिया कर … मेरी भोसड़ी को ये रोज़ का रोना पसंद नहीं है … तेरा नामुराद लंड एकदम बकवास है.

फ़रज़ाना का गुस्सा जायज़ था.
हर मर्द का फर्ज़ होता है कि वह अपनी बीवी को चुदाई का पूरा मजा दे.

बिलाल ने शर्म से गर्दन झुकाकर लुंगी को उठाया और गुसलखाने में घुस गया.
पर वासना की आग में जल रही फ़रज़ाना वैसी ही नंगी लेटकर अपनी चूत में उंगली करने लगी.

उसकी चुदास देख मैं दंग रह गया.
थोड़ी ही देर में उसकी चूत ने रस छोड़ा और वह आंखें बंद किए झड़ने का मजा लेने लगी.

बिलाल बाहर आया तो फ़रज़ाना ने उसे देखकर चार-पांच गालियां दे दीं और खूब जलील किया.

मैं भी वहां से खिसक लिया.
लेकिन दिमाग में फ़रज़ाना का नंगा बदन और खासकर वह मदमस्त चूचियां बार-बार घूम रही थीं.

घर आकर मैंने सविता को सारी बात विस्तार से सुना दी.

मेरी पैंट के फूले हुए हिस्से को देखते ही उसने मेरे मन की हालत समझ ली.
उसने फटाक से मेरा खड़ा लौड़ा बाहर निकाला और बाजारू रंडी की तरह मुठियाने लगी.

मैं उसे चूमते-चूमते न जाने कब नंगी कर चुका था और फ़रज़ाना समझकर जोरदार चुदाई कर डाली.

मेरी बांहों में नंगी लेटी सविता ने धीरे से पूछा- सुनिए जी … एक बात मन में है, कहो तो पूछूँ?
सविता की नंगी पीठ पर हाथ फेरते हुए मैंने कहा- अरे इसमें इजाजत क्यों मांग रही हो? जो पूछना है खुलकर बोलो!

मुझे रिझाने के लिए उसने मेरा लौड़ा पकड़ा और उसे सहलाते हुए बोला- यार मुझे पता है कि तुम फ़रज़ाना को पटाकर जरूर चोदोगे … पर मेरा क्या?

उसके माथे पर किस करते हुए मैंने कहा- तुम जो कहो डार्लिंग, बोलो तो फिर से कोई काला नीग्रो ढूंढ लाऊँ तुम्हारे लिए?

झूठा-मूठ गुस्सा दिखाते हुए उसने मेरी छाती पर मुक्का मारा और हल्के मीठे स्वर में बोली- हट … चुप करो बदमाश … उस मादरचोद काले कुत्ते ने तो मेरी ऐसी दुर्गति कर दी थी कि दो दिन मूतने में भी डर लगता था … याद है ना?
मैं हंसते हुए बोला- हाहा … हाहा … बिल्कुल याद है मैडम, पर मजा भी तो खूब लिया था तुमने … याद है कैसे गांड उठा-उठाकर चुदवा रही थी उसके लौड़े से?

वह भी आंखें बड़ी करके मुस्कुराती हुई बोली- चुदवाया भी तो तुमने ही था ना! ऐसे कोई करता है भला अपनी बीवी के साथ?

मैंने सीधे पूछ लिया- तो बोलो ना सावी (मैं सविता को प्यार से इसी नाम से बुलाता हूँ), क्या चाहिए तुम्हें?
थोड़ी हिम्मत जुटाकर उसने कहा- देखो, बुरा मत मानना … पर जब से मैंने फ़रज़ाना को देखा है, मुझे क्रिस्टीना की बहुत याद आ रही है!

पाठको, इधर मैं आपको बता दूँ कि क्रिस्टीना से हमारी मुलाकात लंदन में हुई थी.
एक पार्टी के बाद नशे में धुत्त होकर सविता और क्रिस्टीना ने खूब लेस्बियन सेक्स किया था.

उसके बाद तो सावी को लेस्बियन चुदाई का ऐसा चस्का लगा कि कई बार दोनों जनम-जनम की प्यासी बनकर एक-दूसरे से चिपक जाती थीं.

मुझे समझते देर नहीं लगी कि सविता फिर से लेस्बियन मजा लेना चाहती है … और इस बार उसकी नजर फ़रज़ाना पर है.

मैंने खुशी से सविता को चूमते हुए कहा- वाह डार्लिंग, तूने तो कमाल की बात कही …. पर उस साली को पटाएंगे कैसे?

लेस्बियन सेक्स करने की अनुमति मिलते ही सविता ने मेरा लौड़ा चूमते हुए कहा- वह सब मुझ पर छोड़ दो मेरे पतिदेव … मैं तो कब से अपनी भोसड़ी उस फ़रज़ाना से चुसवाना चाहती थी. अब बस देखते जाओ … मुर्गी खुद चलकर आएगी हलाल होने!

दोस्तो, सेक्स कहानी को ज्यादा लंबा न खींचते हुए सीधे मुद्दे पर आता हूँ.

अब सविता ने धीरे-धीरे फ़रज़ाना को ‘बेटी-बेटी’ कहना शुरू किया.
उन दोनों में दोस्ती इतनी गहरी हो गई कि फ़रज़ाना अपनी सारी बातें सविता से शेयर करने लगी.

यहां तक कि उसने अपने निकम्मे शौहर बिलाल की नामर्दी के सारे किस्से भी सुना दिए.
सविता ने भी हम दोनों की धाकड़ चुदाई के राज़ खोलकर सुना दिए.

एक दिन मैं किचन के पास से गुजरा तो दोनों खुलकर चुदाई की बातें कर रही थीं.
मैं कान लगाकर सुनने लगा.

सविता और फ़रज़ाना की बातचीत की कुछ पंक्तियां आप भी सुन लो.

सविता हंसती हुई बोली- तो और बता बेटी, आजकल तेरी चूत का क्या हाल क्या है? साली, तू भी कहां इस नामर्द से निकाह कर बैठी?

फ़रज़ाना ने आह भरी- उफ्फ् अम्मीज़ान, अब मैं क्या लौड़े को देखकर निकाह करती? पर आपकी तो किस्मत ज़बरदस्त है, ऐसा मस्त मर्द मिला है मेरी अम्मी को कि अब तक तो अम्मी की चुत का भोसड़ा बन गया होगा!
मेरी बीवी ने हंस कर कहा- यार तू एकदम निरी पगली है … मैं अफ्रीका के मर्दों के एक एक फुट के लौड़े भी खाकर अपनी चुत को एकदम टाइट रखती हूँ.

फ़रज़ाना विस्मय से बोली- हाय अम्मी, वह सब कैसे करती हो!
इस तरह की बातें सुनकर मैं समझ गया था कि सावी फ़रज़ाना की जीभ को जल्दी ही अपनी चुत में घुसवा लेगी!

हमारी प्लानिंग के मुताबिक सविता ने कहा- सुन ना, क्या तू देखेगी तेरे अब्बू ज़ान का लौड़ा? पर किसी को बताना मत समझी?

फ़रज़ाना की आंखें चमक उठीं- सच में अम्मी? दिखाओ ना मैं तो उस मादरचोद की चार इंच की लुल्ली देख-देखकर ऊब गई हूँ. साहेब का लौड़ा मेरे नसीब में तो नहीं, पर देखकर ही काम चला लूँगी. प्लीज़ अम्मीज़ान … एक बार दिखा ही दो ना!

मेरी डर्टी वाइफ सविता ने ठहाका लगाते हुए कहा- साली अपने बाप का लौड़ा देखने को इतना तरस रही है रंडी? आजकल तो तू बड़ी बेशर्म हो गई है!
फ़रज़ाना ने शर्माते हुए और चटखारे लेते हुए कहा- जिसकी अम्मी आपके जैसी चुदक्कड़ हो, तो बेटी भी वैसी ही बनेगी ना अम्मी जान?

सविता ने ज्यादा इंतज़ार नहीं करवाया, फटाक से मोबाइल निकाला और मेरे लौड़े की कुछ चुनिंदा फोटो फ़रज़ाना के सामने रख दीं.
साढ़े सात इंच लंबा, ढाई इंच मोटा, कड़क खड़ा लौड़ा देखते ही फ़रज़ाना की आंखें फट गईं और मुँह खुला का खुला रह गया

बिलाल की चार इंची लुल्ली से इतना बड़ा लंड देखकर वह सन्न रह गई.
सविता समझ गई कि मुर्गी हलाल होने को पूरी तरह तैयार है.

दोस्तो, अब तक आपको समझ में आ गया होगा कि फ़रज़ाना की चुत में मेरा यानि उसके धर्म पिता का लंड कैसे घुसेगा.
आप मेरी इस डर्टी वाइफ सेक्स कहानी पर अपने विचार जरूर भेजें.
replyman12@gmail.com

डर्टी वाइफ सेक्स कहानी का अगला भाग: प्यासी मुँहबोली बेटी संग पति पत्नी का सेक्स- 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!