साधु बाबा की लंड पूजा और बीवी की चूत भक्ति – Hindi Sex Stories – LustMasti1 min read

sadhu baba sex story, horny wife fucked by baba sex story, desi randi biwi chudai sex story, big cock sadhu sex story, baba ka mota lund sex story: मेरी बीवी गरिमा बेहद रंगीन मिजाज की है और चुदाई में तो एकदम माहिर। दिनभर वो सेक्सी वीडियो देखती रहती है। मैं ऑफिस के लिए निकलता नहीं कि वो अपनी गांड मटकाती, चूचियां हिलाती लेपटॉप के सामने बैठ जाती है और तरह-तरह की साइट्स खोलकर अपनी चूत रगड़ने में लग जाती है। वो इतनी मदहोश हो जाती है कि आसपास का कुछ पता नहीं चलता।

मैंने उसे बार-बार समझाया कि दरवाजा लॉक कर लिया करो, खिड़की पर पर्दा डाल लिया करो, लेकिन वो हंसकर टाल देती है। कहती है, “अरे क्या हुआ अगर किसी ने मेरी चूत देख ली तो? वो भी तो जी लेगा, मुझे क्या फर्क पड़ता है?” सुनकर मेरा भी लंड खड़ा हो जाता है। आखिर मेरी चुदक्कड़ बीवी के पास मोटे-रसीले बूब्स हैं, कसी हुई चूत है और गांड भी इतनी भारी कि कोई भी देखकर लंड सहलाने लगे।

पिछले दिनों मुझे एक दिन के लिए जरूरी काम से बाहर जाना पड़ा। गरिमा ने बहुत मनाया, कहा, “तुम्हारे बिना रहा नहीं जाएगा, खासकर तुम्हारे इस मोटे काले लंड के बिना।” इतना कहते ही उसने मेरे पैंट में हाथ डाला और लंड पकड़कर चूसने लगी। आह्ह… वो मोहल्ले की नंबर वन लंडचूसक है। गली में चलती है तो उसके मोटे बूब्स उछलते हैं और लड़के लंड पर हाथ फेरने लगते हैं।

मैंने उसे समझाया कि बस एक दिन की बात है, जल्दी लौट आऊंगा। लेकिन वो अपने मोटे बूब्स मेरे मुंह में ठूंसकर बोली, “हरामजादे पहले इनको चूसकर जा, वरना तेरा लंड खींच दूंगी।” मैंने झट से उसके बूब्स मुंह में लिए, जोर-जोर से चूसे और निचोड़ा। अपना लंड बाहर निकाला और फिर ऑफिस के लिए निकल गया।

जैसे ही मोहल्ले में पता चला कि मैं बाहर गया हूं, सबके लंड खड़े हो गए। कोई बालकनी से, कोई खिड़की से, कोई दरवाजे से मेरी माल पर नजरें गड़ाए हुए था। गरिमा छत पर जालीदार ब्रा-पेंटी सुखाने गई तो पड़ोसी शर्मा ने लंड निकालकर हिलाना शुरू कर दिया। गरिमा ने मुस्कुराकर जीभ घुमाई और नीचे चली आई।

गली के लड़के सीटियां बजा रहे थे, चिल्ला रहे थे, “एक बार मुंह में तो ले ले, अपने मोटे बूब्स भी चूसा दे।” गरिमा अंदर आई, सलवार-कुर्ता उतारा, नंगी होकर लेपटॉप के सामने बैठ गई। चुदाई की फिल्में चलाईं और अपनी चूत में उंगली करने लगी। कभी शर्मा का नाम लेती, कभी वर्मा का, कभी पुलिस वाले पांडे का, तो कभी मेरे पिताजी का। वो पूरी तरह नशे में डूबी अपनी चूत मसल रही थी।

तभी दरवाजे पर दस्तक हुई। “क्या कोई घर में है?” गरिमा ने होश संभाला, ब्रा-पेंटी में ही उठी और दरवाजा खोला। सामने 6 फुट लंबा, तगड़ा साधु बाबा खड़ा था, लंबी दाढ़ी, सिर पर साफा, मुस्कुरा रहा था।

बाबा बोले, “बेटी, हम बहुत प्यासे हैं, कुछ पिला दो, भूखे हैं, कुछ खिला दो। तू हमारी सेवा कर, जो मांगेगी वो मिलेगा।”

गरिमा की गीली पेंटी और उभरे बूब्स देखकर बाबा की आंखों में चमक आ गई। गरिमा थोड़ा घबरा गई, बोली, “ठीक है बाबा जी, मैं अभी कुछ लाती हूं, आप बैठिए।” वो रसोई की तरफ गई, लेकिन उसकी मटकती गांड देख बाबा खुद को रोक नहीं पाए और पीछे-पीछे चल दिए।

रसोई में गरिमा ने पानी का लोटा बढ़ाया, बोली, “लीजिए बाबा जी, प्यास बुझाइए।” लेकिन बाबा ने लोटा नहीं पकड़ा, बल्कि गरिमा के मोटे बूब्स दबोच लिए। गरिमा चिल्लाई, “बाबा जी ये क्या कर रहे हैं?”

बाबा बोले, “हम अपनी प्यास बुझा रहे हैं बेटी। तेरी चूत में लगा अमृत देखकर समझ गए थे कि तुझे बहुत बैचेनी है। अब हम उसका इलाज करेंगे।”

बाबा ने झट से गरिमा की ब्रा फाड़ी, गोरे मोटे बूब्स आजाद हो गए। उन्होंने दोनों बूब्स मुंह में भरे और जोर-जोर से चूसने लगे। दांतों से निप्पल काटते, चूसते। गरिमा छटपटाई, लेकिन जल्दी ही सिसकियां भरने लगी। वो बाबा को सोफे पर बैठाकर बूब्स चुसवाने लगी। बाबा कभी होंठ चूसते, कभी निप्पल काटते।

गरिमा का हाथ बाबा की लंगोट में गया, काला लंबा नाग जैसा लंड पकड़ा और खींचने लगी। बाबा ने लंगोट खोला, लंड गरिमा के मुंह की तरफ किया। गरिमा ने लंड पकड़ा, चूमा और चूसने लगी। ग्ग्ग्ग… गी… गी… गों… गोग… वो गले तक ले रही थी।

बाबा बोले, “ऐसे नहीं बेटी, पहले इसकी पूजा करो, जल चढ़ाओ।” गरिमा ने लोटा उठाया, बाबा के बदबूदार काले लंड को हाथों से धोया, मसला, चमकने लगा। फिर बाबा ने लंड उसके मुंह में घुसा दिया। चूस मेरी बेटी, चूस जा… आज ये लंड धन्य हो गया।

बाबा ने गरिमा के मुंह में जोर से माल मार दिया। गरिमा ने सब चाट लिया। अब बाबा रुके नहीं। उन्होंने गरिमा की पेंटी निकाली, सूंघी और फिर उसकी गुलाबी चूत में जीभ डाल दी। जोर-जोर से चाटने लगे, उंगलियां अंदर डालकर मसलने लगे।

गरिमा की सिसकियां कमरे में गूंजने लगीं। आह्ह… ओह्ह… इह्ह… बाबा जी… और जोर से… वो बाल पकड़कर चूत चुसवाने लगी। बोली, “बाबा जी अब इस जलती चूत को ठंडा कर दो… घुस जाओ साले… आआह्ह!”

बाबा बोले, “लगता है तू मेरा लंड लेकर ही मानेगी। तू बड़ी चुदक्कड़ है। चल मेरे आश्रम पर, वहां बहुत लंड हैं, काले-लंबे, भक्त तेरी चूत में दान देंगे, बूब्स चूसेंगे, तू रंडी देवी बन जाएगी।”

गरिमा बोली, “बहेनचोद, अपनी मां-बहन को भी ले चलना, जो कहोगे करूंगी, लेकिन अभी मेरी चूत बुझा दो।”

बाबा ने अपना मोटा लंबा लंड गरिमा की चूत में पूरा ठेल दिया। गरिमा की जान निकल आई। आआह्ह… ओह्ह… ऊईई… वो पागल हो गई। बाबा ऊपर-नीचे उछलने लगे, गरिमा के बूब्स भी उछल रहे थे। बाबा उन्हें चूसते, दबाते रहे।

गरिमा की चूत से पानी निकलने लगा। बाबा ने मुंह लगा लिया, चूत का रस पीने लगे। फिर बोले, “बेटी अब तेरी गांड की पूजा करेंगे।” उन्होंने अंगूठा गांड में डाला, गरिमा हवा में उछल गई।

बाबा ने गरिमा को कुतिया बनाया। पहले जीभ से गांड चाटी, फिर उंगली डाली। गरिमा सिसक रही थी। आह्ह… ह्ह्ह… बाबा जी… कितनी रसीली गांड…

तभी गरिमा के मुंह में दूसरा लंड घुसा। उसने आंख खोली, तो मैं खड़ा था। वो खुशी से उछल पड़ी। अब एक लंड गांड में, एक मुंह में। वो दोनों तरफ से चुदवाने लगी।

बाबा ने गरिमा की गांड में रस छोड़ दिया। मैंने भी चूत में जोर से झटके मारे और माल मार दिया। तीनों थककर गिर पड़े। गरिमा बीच में थी, बाबा उसके बूब्स चूस रहे थे, मैं निप्पल नोच रहा था।

गरिमा हमारे दोनों लंड मसल रही थी। बाबा ने फिर प्रसाद दिया, मेरी चूत में लंड डालकर बोले, “बेटी हमेशा लंडवती रहो।” फिर बाबा ने गरिमा की पेंटी पोटली में डाली और चले गए।

मैं और गरिमा नंगे लिपटे रहे। मैंने उस रात तीन बार उसकी चूत मारी। सुबह तक हमें होश नहीं था।

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