गांड लव स्टोरी में मुझे अपने रूम मेट से लड़के लड़के वाला लव हो गया था. मैं उसकी गांड मारना चाहता था. शायद वह भी यही चाहता था पर मुझे क्लियर नहीं हो रहा था.
मैं साहिल आपको अपने रूममेट एजाज के साथ अपनी गे सेक्स कहानी सुना रहा था.
कहानी के पहले भाग
मुझे लड़के अच्छे लगने लगेhttps://www.freesexkahani.com/gay-sex-story-hindi/gay-feeling-story/
में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं एक एप पर लौंडेबाजी कर रहा था.
उसी एप से मेरा रूममेट मुझे अंधेरे में रख कर जुड़ गया था.
उसने मेरी फ़ोटो देख ली थी तो वह समझ गया था कि मैं ही उससे फ़्लर्ट कर रहा हूँ लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि जिस लड़के से मैं बात कर रहा हूँ, वह एजाज ही है.
फिर जैसे ही यह राज खुला तो मैंने उससे रूठने का ड्रामा किया.
अंतत: वह मुझसे चिपक गया और मुझे चूमने लगा.
हम दोनों मस्त होने लगे थे लेकिन मैं उससे बोल नहीं रहा था.
अब आगे गांड लव स्टोरी:
उसने पूछा- अब बोलोगे कि नहीं?
मैंने मुस्कुरा कर कहा- नहीं …
उसने फिर से किस किया और किस करते-करते मेरी गर्दन तक आ गया.
हम दोनों दस मिनट तक किस करते रहे. कभी उसके होंठ मेरे मुँह में, कभी मेरे होंठ उसके मुँह में.
फिर उसने पूछा- अब?
मैंने कहा- सोच कर बताऊंगा.
यह कह कर मैंने मुस्कुरा दिया.
उसने कहा- कमीने तूने ये सब मुझसे करवाने के लिए ये नाटक किया था ना?
मैंने कहा- मैं उसमें सफल भी हो गया!
फिर हम दोनों किस करने लगे.
धीरे-धीरे उसने मेरा लोअर का रिबन खोल दिया और मेरे लोअर को नीचे गिरा दिया.
मैंने उसकी शर्ट को निकाल दिया और उसने मेरे कपड़े उतार दिए.
बॉयज़ हॉस्टल में लड़के बनियान नहीं पहनते हैं क्योंकि एक बार धोकर सूखने डालो तो वापस मिलती ही नहीं … जल्दी ही गायब हो जाती है.
हम दोनों ने शर्ट के अलावा कुछ नहीं पहना था.
फिर मैंने उसका लोअर निकाल दिया.
हम दोनों चड्डी में आ गए.
उसने मुझे बेड पर धकेल दिया और मेरे ऊपर आ गया.
हम दोनों किस किए जा रहे थे और दोनों एक दूसरे से नंगे चिपके पड़े थे क्योंकि पसीना बहुत हो रहा था.
बॉयज़ हॉस्टल के कमरे भी छोटे-छोटे थे और खिड़की भी नहीं थी.
हम दोनों की बॉडी एक-दूसरे से टच हो रही थीं और लिप्स लॉक थे.
शरीर चिपके होने से हमारे लंड आपस में टकरा रहे थे.
मैं बेड पर था, एजाज मेरे ऊपर.
मैंने अपना हाथ उसकी चड्डी में डाला और चूतड़ों के ऊपर फेरा तो उसकी गांड एकदम मखमल जैसी चिकनी थी.
मैं जोर-जोर से उसके चूतड़ दबा रहा था.
मेरा लंड एकदम खड़ा था क्योंकि उसकी गांड मेरे लंड के पास ही थी.
मैंने उसकी कट शेप वाली चड्डी निकाल दी और उसे नंगा कर दिया.
अब एजाज मेरे पैरों के बीच में बैठ गया और उसने मेरी चड्डी खींच कर लौड़े से नीचे सरका दी.
वह उठ कर इशारा करके चड्डी हटाने की कह कर सरसों का तेल ले आया.
एजाज ने मुझसे कहा- साहिल, आज तुम मुझे अपना बना लो!
मैंने उससे कहा- अच्छा जी … अपना बना लूँ, वह कैसे?
‘ये तुम्हारा लंड खड़ा है न … इसका सीमेन मेरी गांड में डाल दो … प्लीज जानू आज मेरे साथ सो जाओ … आई लव यू डियर साहिल!’
मैंने कहा- कंडोम नहीं है मेरे पास … तुम्हारे पास हो तो बताओ!
उसने कहा- कंडोम का क्या करोगे? हम दोनों को कौन सा कोई रोग है?
मैंने मजाक में कहा- हां है तो नहीं … लेकिन तुम प्रेग्नेंट हो जाओगे मेरे स्पर्म निकल गया तो!
उसने हंस कर कहा- कोई बात नहीं, मैं तुम्हारा ही तो हूँ.
हम दोनों के फेस पर स्माइल थी.
उसने कहा- बिना कंडोम के जब लंड गांड में घुसता है … तब गांड में गर्म गर्म अहसास होता है और बहुत मज़ा आता है!
अब मैंने साहिल को बेड पर लेटाया और उसकी गांड पर तेल लगा दिया.
फिर मैंने अपने लंड पर तेल लगाया और उसकी गांड में उंगली करने लगा.
वह ऊंह आह कर रहा था.
मैंने कहा- जानू बहुत दर्द होगा, पहली बार है न … प्लीज सह लेना!
उसने कहा- आराम से करना … वैसे मैंने अपनी गांड में मोटा बट प्लग लगा कर गांड को ढीला किया है.
मैंने उसे चूमते हुए कहा- वाह यह तो बहुत अच्छी बात है … मैं बड़े आराम से तुम्हारी गांड मारूँगा … अब तो तुम जान हो मेरी!
वह हंस दिया.
मैंने उसके पैर फैलाए और धीरे-धीरे लंड को उसकी मुलायम गांड के छेद पर टच किया.
लौड़े के स्पर्श से वह पहले तो चिहुंका, फिर अपनी गांड को लौड़े से खुद ही सटाने लगा.
मैंने लौड़े को छेद पर रगड़ना चालू कर दिया.
हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था.
एजाज एकदम मछली की तरह मचल रहा था.
उसने कहा- साले डाल न … कितना तड़पाएगा?
मैंने लंड को उसके गांड पर रखा और धीरे-धीरे लंड को अन्दर डाला.
एजाज एकदम से चिल्लाने लगा तो मैं झुक कर उसे किस करने लगा और लंड गांड से निकले ना … इसलिए उसको अपने शरीर से दबा दिया.
फिर जब उसका दर्द कम हुआ तो मैंने लंड को निकाला … थोड़ा और तेल और थूक लगाया.
फिर लंड को गांड पर सैट करके उसको किस करते हुए लंड को दबाना शुरू किया.
मेरा साढ़े सात इंच का लंड उसकी गांड में घुसने लगा.
उसको बहुत दर्द हो रहा था; उसने अपनी आंखें बंद कर लीं.
मैं उसको किस किए जा रहा था.
उसके होंठ मेरे होंठों में फंसे थे.
वह चिल्ला भी नहीं पा रहा था.
मुझे अपने मोटे लंड को उसकी गांड की जड़ तक पहुंचाने में करीब 5 मिनट लग गए.
फिर लंड को उसकी गांड में डाल कर मैं रुक गया और उससे किस करता रहा.
करीब 15 मिनट बाद जब उसकी तरफ से मैंने रिस्पॉन्स नहीं देखा तो मैंने अपने होंठ उसके होंठ से निकाले.
अब उसने अपनी आंखें खोलीं.
उसकी आंख से आंसू आ रहे थे.
मैं पूछा- ज्यादा दर्द हो रहा? निकाल लूँ?
उसने कहा- नहीं … अब नहीं हो रहा. बस ऐसे ही डाले रहो … मज़ा आ रहा है!
मैंने कहा- कमीने हरामखोर बकचोद … सीधे सीधे बोल न कि मज़ा आ रहा है! अभी देख कैसे और ज्यादा मज़ा आता है!
मैंने अपना लंड गांड से बाहर निकाला और फिर से एक बार में पूरा डाल दिया.
हमारे लिप्स लॉक थे तो उसकी चीख नहीं निकली.
लेकिन उसको बहुत तेज़ दर्द हुआ.
फिर मैंने उसे चोदना चालू कर दिया.
पूरे कमरे में आवाजें गूँज रही थीं.
पछ पछ … आह आह.
उस समय कोई हॉस्टल में नहीं था, सब बाहर थे.
करीब 10 मिनट तक मैंने उसको ऐसे ही चोदा.
फिर मैंने उसको करवट लेने को कहा.
मैं उसके पीछे लेट गया और उसके एक पैर को उठा कर अपने ऊपर रखा.
अपने लंड को वापस से उसकी गांड में डाला और फिर से किस करते हुए सेक्स करने लगा.
करीब 15 मिनट तक एजाज की चुदाई चलती रही.
फिर मैं बेड पर सीधा लेट गया और एजाज मेरे लंड को अपनी गांड में डाल कर बैठ गया.
वह मेरे लंड पर ऊपर-नीचे होने लगा.
कुछ और मिनट के बाद मेरा पानी निकलने वाला था.
मैंने उससे कहा- मेरा निकलने वाला है … हट जाओ!
वह कहा- मैं अन्दर ले लूँगा!
मैंने कहा- साली प्रेग्नेंट हो जाओगी!
वह हंस कर बोला- ठीक है. वैसे भी सुहागरात वाले सारे काम हो ही रहे हैं!
मैंने उसे अपने नीचे कर लिया.
मैं ऊपर हो गया.
फिर 2 मिनट बाद चोदते-चोदते मेरा सारा स्पर्म उसकी गांड के अन्दर चला गया.
मैं उसकी गांड में लंड डाले हुए ही उसके बगल में लेट गया.
हम दोनों थक गए थे तो कुछ पता ही नहीं लगा कि हमारी कब आंख लग गई.
हम दोनों वैसे ही नंगे सो गए.
इतनी देर की चुदाई के बाद थक तो वैसे ही गए थे.
मेरा लंड एजाज की गांड पर वैसे ही पड़ा था.
करीब 3 बजे के आस पास रात में मेरी आंख खुली क्योंकि मेरा लंड बहुत टाइट हो गया था.
उस वक्त लौड़े में बहुत ज्यादा तनाव था और बेहद दर्द होने लगा था.
मैंने देखा कि मेरा लंड अभी भी एजाज की गांड में ही है और वह सो रहा है.
मैंने थोड़ा और अन्दर डाला.
मेरा फिर से उसकी गांड चोदने का मन करने लगा.
मैंने धीरे-धीरे एजाज की गांड को चोदना शुरू किया तो वह जाग गया.
वह कराह कर बोला- आह फिर से करोगे क्या?
मैंने कहा- लंड में दर्द हो रहा है तुम्हारी गांड में था, बहुत टाइट हो गया था तो फटने को कर रहा था. अब जब तक तेरी गांड चोदूँगा नहीं, तब तक टाइटनेस कम नहीं होगी!
वह मजा लेने लगा था क्योंकि गांड फैली हुई थी तो लौड़े से उसे मजा आने लगा था.
हम दोनों ने धीरे-धीरे आवाज रहित चुदाई चालू की क्योंकि रात बहुत थी और अब सभी ब/च्चे बगल के कमरों में सो रहे थे.
बेड पर चोदता तो आवाज़ आती.
फैन चल रहा था लेकिन फिर भी बेड की वैसी आवाज़ से कोई भी जान जाता कि चुदाई हो रही है कहीं.
मेरा लंड एजाज की गांड में ही था. हम वैसे ही उठे.
यह सब सोच कर हम दोनों दीवार के पास आ गए और अब मैंने फिर से एजाज को चोदना चालू कर दिया.
करीब आधा घंटा तक मैंने उसको हचक कर चोदा.
हम दोनों की बॉडी एकदम चिपकी थी क्योंकि साइड में हवा नहीं लग रही थी.
खूब पसीना भी हो रहा था.
जब मैं अपना लंड पीछे करता तो पूरा बदन से चिप चिप सा करने लगता.
मैं उसको पकड़ कर चोद रहा था.
हम दोनों के बीच हवा भी नहीं पास हो पा रही थी … इतना अधिक चिपके हुए थे.
मैंने अपने हाथों से उसको अपनी ओर दबाया तो वह अपने हाथ पीछे करके मेरी गांड को दबा रहा था ताकि लंड एकदम अन्दर तक जाए.
मेरा 7.5 का लंड एकदम अन्दर बाहर हो रहा था.
एजाज की गांड के अन्दर तक घुस कर मजा दे रहा था.
वह हरामी मेरे लौड़े से अपनी गांड को ऐसे लिपटाए हुए था, जैसे चंदन के पेड़ से सांप लिपटा हो.
काफी देर के बाद मेरा पानी फिर से निकला और उसकी गांड में ही भर गया.
अब हम दोनों हांफने लगे थे.
मेरा लंड धीरे-धीरे बैठने लगा और एजाज की गांड से निकल आया.
उसकी गांड से मेरा ढेर सारा पानी निकल रहा था.
मैंने उसकी गांड को एक कपड़े से पौंछा और हम दोनों मद्धिम स्वर में बातें करने लगे.
फिर बिस्तर में आ गए और एक-दूसरे को किस करके वैसे ही नंगे चिपक कर लेट गए.
एजाज ने मुझसे कहा- अब तुम मेरी गांड में रोज़ लंड डालना और चोदना.
मैंने ओके कह दिया.
उसने यह भी कहा- हम दोनों चुदाई के बाद नंगे ही सो जाया करेंगे. तुम मेरी ही गांड में लंड डाल कर सो जाया करना!
मैंने कहा- जैसा आपकी इच्छा मेरी डार्लिंग!
सुबह हुई.
अगला दिन संडे था.
सब लेट से उठते थे, तो हमने डेट पर जाने का सोचा.
हमारे रूम में अटैच्ड बाथरूम था.
पहले एजाज नहाने गया.
उसने जानबूझ कर टॉवल और कपड़े बाहर छोड़ दिए.
फिर नहाने के बाद वह नंगा ही बाहर टॉवल लेने आ गया.
उसे नंगा देख कर मेरा लंड बड़ा हो गया.
वैसे मुझे भी नहाना था तो मैंने कपड़े नहीं पहने थे, सिर्फ चड्डी ही पहनी थी.
एजाज ने बाथरूम में जाते ही मुझसे कहा कि यार जरा मेरे कपड़े दे देना!
मैंने कपड़े लिए और कहा- दरवाज़ा खोलो!
उसने दरवाजा खोला तो मैं अन्दर घुस गया.
मैंने दरवाज़ा बंद किया और चड्डी निकाल दी.
वह बोला- ये क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- मूड बना कर कह रहे हो भोसड़ी के कि क्या कर रहे हो!
वह हंस दिया.
मैंने शॉवर चालू किया और उसको दीवार पर दबा दिया.
हम दोनों फिर से किस करने लगे.
मेरा लंड बिल्कुल 90 डिग्री पर खड़ा था.
मैं उसकी गर्दन को चूम रहा था, उसके निप्पल को काट रहा था.
फिर मैंने उसको घुमाया और पैर उठा कर उसकी गांड में लंड घुसा दिया.
करीब 15 मिनट चोदने के बाद मैंने फिर से स्पर्म उसके अन्दर ही निकाल दिया.
हम दोनों साथ में नहाए और बाहर डेट पर चले गए.
उसके बाद से ही रात हमारी सुहागरात हो गई.
अब हम दोनों रोजाना सेक्स करते हैं.
एजाज रूम के बाहर मेरा फ्रेंड था और रूम के अन्दर मेरी वाइफ.
मैंने उसको कमरे में कभी भी चोद देता.
उसकी चड्डी खींच कर लंड उसकी गांड में उतार देता.
उसकी गांड तो लड़कियों की चूत की तरह हो गई थी.
मैंने और एजाज ने बहुत मज़े किए हैं. फ़ेयरवेल डे की पार्टी के दिन मुझे कोई और भी मिला था.
उसकी बात फिर कभी लिखूँगा.
आप सभी का मेरी गांड लव स्टोरी को पढ़ने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया.
अगर आपके अच्छे कमेंट्स आते हैं तो मैं आगे का भी बताऊंगा कि फेयरवेल डे की पार्टी के दिन क्या हुआ था.
मेरी यह गांड लव स्टोरी आपको कैसी लगी … ज़रूर बताएं.
मेरी ईमेल आईडी है
hlo2006hi@gmail.com