भाभी पोर्न देख कर चूत रगड़ रही थी – Hindi Sex Stories – LustMasti1 min read

Bhabhi sex story – Horny landlady sex story: मेरा नाम प्रमोद है और अभी मेरी उम्र 30 साल है। दोस्तों, आज मैं आपको अपनी जिंदगी की एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ, जो आज से दस साल पहले की है। उस समय मैं कॉलेज में पहली बार दूसरे शहर आया था, हॉस्टल नहीं मिला तो घरवालों ने बताया कि दूर के रिश्ते में एक भैया-भाभी इसी शहर में रहते हैं और उन्हें भी किरायेदार चाहिए।

मैं उनके घर पहुँचा, सब बताया तो उन्होंने मुझे एक कमरा किराए पर दे दिया। किराया तय हुआ और मैं वहाँ रहने लगा। घर में सिर्फ भैया और भाभी ही थे। भैया रोज ऑफिस जाते, भाभी घर संभालती और कोचिंग पढ़ाती। भाभी की उम्र तब 32 साल थी, फिगर गजब का, 38-27-35, गोरी त्वचा, बड़े-बड़े बूब्स और भरी हुई गांड। मैं कॉलेज जाता, शाम को लौटता, खाना खाता और पढ़ाई करता।

रात को देर से, जब सब सो जाते, मैं रूम लॉक करके ब्लू फिल्म देखता और जोर-जोर से लंड हिलाता। ऐसा करते छह महीने बीत गए। एक दिन कॉलेज में एक सेक्सी लड़की देखी, उसकी बड़ी गांड और झुकते ही दिखते पूरे बूब्स। बस उस दिन मुझसे रहा नहीं गया। कॉलेज से जल्दी आया, रूम में घुसा, सारे कपड़े उतारे और उस लड़की को याद करके लंड सहलाने लगा। जोर-जोर से हिलाया, काफी देर तक चला और फिर झड़ गया। थककर सो गया।

अगले दिन फिर वही हुआ, लेकिन उस दिन भाभी का फोन आया कि उन्हें बाहर जाना है, घर पर कोई नहीं रहेगा। मैंने सोचा मौका अच्छा है। उसी समय घर पहुँचा, रूम में घुसा, कपड़े उतारे और लंड हिलाने लगा। उस दिन रूम लॉक करना भूल गया, लगा भाभी चली गई होंगी। झड़ने के बाद बेड पर लेटा तो दरवाजा खुला देखा। बाहर देखा तो भाभी घर में ही थीं। मैं डर गया, जल्दी कपड़े पहने और बाहर जाकर पूछा कि भाभी आप नहीं गईं? उन्होंने शक भरी नजरों से देखा, कहा अभी जा रही हूँ और ऐसे व्यवहार किया जैसे कुछ देखा ही न हो। मुझे राहत मिली।

एक हफ्ते बाद भैया ऑफिस के काम से बाहर गए। मैं कॉलेज गया लेकिन मोबाइल घर भूल आया। चाबी मेरे पास थी तो वापस आया, मोबाइल लिया ही था कि भाभी के कमरे से आवाज आई। झांका तो भाभी पूरी नंगी बेड पर लेटी अपनी चूत में उंगली कर रही थीं, बड़े बूब्स हिल रहे थे। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने सोचा गलत है, लेकिन दिल नहीं माना। चुपके से बाहर आने-जाने का नाटक किया और अपने रूम में लॉक होकर भाभी को याद करके कई बार मुठ मारी।

भैया हर छह महीने में बाहर जाते, भाभी अकेली रहतीं। मैं मौके देखकर उनकी कल्पना में डूब जाता। एक रात मैं ब्लू फिल्म देख रहा था, तभी भाभी ने दरवाजा खटखटाया। बोलीं नींद नहीं आ रही, बात करेंगी। मैंने फिल्म की आवाज बंद की, स्क्रीन छुपाई। भाभी आईं तो मेरी पैंट में तना लंड देखा, नजर हटा लीं। मैंने उन्हें बेड पर बैठने को कहा। बातें करते-करते वो सो गईं।

मुझे नींद नहीं आती थी जब तक मुठ न मार लूँ। चुपके से लैपटॉप ऑन किया, पैंट में हाथ डालकर लंड सहलाने लगा। बेड हिल रहा था। भाभी की तरफ देखा तो लगा वो चुपके से मुझे देख रही हैं, लेकिन सोने का नाटक कर रही थीं। मैंने देर तक हिलाया, थककर सो गया। रात में भाभी ने “गलती से” मेरे ऊपर हाथ रखा, फिर लंड को छुआ और तुरंत हटा लिया। मैंने भी बहाने से उनकी चूत और बूब्स छुए। दोनों बार वो अजीब नजरों से देखीं।

अगले दिन कॉलेज से जल्दी आया, चुपके से घर में घुसा। अपने रूम के दरवाजे से देखा तो भाभी मेरा लैपटॉप ऑन करके ब्लू फिल्म देख रही थीं और चूत रगड़ रही थीं, उंगली अंदर-बाहर कर रही थीं, सिसकारियाँ ले रही थीं, आह्ह्ह इह्ह्ह ओह्ह्ह। मैं वहीं खड़ा होकर लंड हिलाने लगा और झड़ गया। वो मुझे नहीं देख पाईं।

रात का प्लान बनाया। सिर्फ टॉवल लपेटकर भाभी के रूम में गया, बोला पानी नहीं आ रहा, आपके बाथरूम में नहा लूँ? उन्होंने हाँ कहा। अंदर गया, उनकी ब्रा-पैंटी सूंघी, खुशबू से मदहोश हो गया, लंड हिलाया। बाहर आया तो जानबूझकर टॉवल गिरा दिया। मेरा सात इंच का मोटा लंड भाभी के सामने खड़ा हो गया। मैंने ऐसे नाटक किया जैसे गलती से हुआ, टॉवल उठाया और भागकर अपने रूम में आ गया।

मुझे पता था अब वो चैन से नहीं सो पाएंगी। अगली रात फिर भाभी आईं, बोलीं नींद नहीं आ रही, कुछ बात करनी है। बेड पर बैठीं, बातें करते सोने का नाटक करने लगीं। मैंने लैपटॉप में फिल्म चलाई लेकिन लंड नहीं हिलाया। देर रात एसी की ठंड में वो मेरी चादर में घुस आईं। धीरे-धीरे हाथ फेरने लगीं, पैंट के ऊपर से लंड छुआ, फिर चेन खोलकर अंदर हाथ डाला। मैंने कुछ नहीं कहा, सोने का नाटक किया।

उनके हाथ में मेरा गरम लंड था, वो हैरान रह गईं। मुझसे रहा नहीं गया, झटके से पैंट उतारी और उन पर चढ़ गया। हम लिपट गए, मैंने उन्हें ऊपर से नीचे तक चूमा। उनके बड़े बूब्स चूसते ही वो मदहोश हो गईं, आह्ह्ह प्रमोद ओह्ह्ह ह्ह्ह्ह। वो मुझे गोरी जांघों से जकड़कर जोर से चूमने लगीं। मैं नीचे गया, उनकी चूत चाटने लगा, जीभ अंदर डाली तो वो उछल पड़ीं, आह इह्ह ओह्ह्ह और जोर से चाटो।

वो बोलीं, तुम बहुत अच्छा करते हो, मुझे कभी इतना मजा नहीं मिला। जब से तुम्हारा लंड देखा, पागल हो गई हूँ। प्लीज आज घुसा दो, पूरी चूत में उतार दो, जोर-जोर से चोदो, मेरी प्यास बुझा दो। मैं और जोशीला हो गया। उन्हें लिटाया, लंड चूत के मुँह पर रखा और एक ही झटके में पूरा अंदर कर दिया। वो चीखीं, आआह्ह्ह्ह मर गई, लेकिन फिर खुद ऊपर-नीचे होने लगीं।

फिर तो चुदाई रुकने का नाम न लिया। वो चिल्ला रही थीं, आह ह ह ह ह्हीईई और जोर से प्रमोद, मिटा दो मेरी प्यास, मुझे अपनी बना लो। मैं जोर-जोर से धक्के मार रहा था, हर धक्के पर उनकी चूत चिपचिपा रही थी, सिसकारियाँ भर रही थीं, ऊऊ ऊइइ उईईई। झड़ने के करीब पूछा तो बोलीं अंदर ही डाल दो। मैंने पूरी माल उनकी चूत में छोड़ दी।

उस रात हर पोजिशन ट्राई की, कभी वो ऊपर, कभी मैं ऊपर, घोड़ी स्टाइल में गांड पीछे से पकड़कर ठोका। बाथरूम में, किचन में, सोफे पर, छत पर, कार में, बालकनी में, हर जगह चुदाई की। कामसूत्र की सारी पोजिशन आजमाईं। अब दस साल हो गए, आज भी हम चुपके से मजे लेते हैं। कभी भैया के सामने ही दबा-पेल लेते, उन्हें शक नहीं होता। भाभी कभी भैया से झगड़ा करके मेरे रूम में आ जातीं, दरवाजा लॉक करके पूरी रात चुदवातीं और सुबह शांति से निकल जातीं। भैया समझते कि वो मेरे रूम में सोई थीं। हमारी यह कामुक चुदाई आज भी जारी है।

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