विधवा बुआ की सूखी चूत में लंड पेला – Hindi Sex Stories – LustMasti1 min read

मैं राज शर्मा आपका स्वागत करता हूं हिन्दी सैक्स कहानी पर!

जैसा कि आप सब जानते है कि चुदाई करना मेरी आदत है।

मेरी पिछली कहानी थी: पति नपुंसक तो मैंने बहन की गोद भर दी

आज की कहानी भी मेरी ऐसी आंटी सेक्स की कहानी है जो कि आपको जरूर पसंद आएगी।

दोस्तो, मैं गुड़गांव में कंपनी में काम करता हूं। एक दिन पापा ने मुझे उनकी विधवा चचेरी बहन के घर भेजा उनकी मदद के लिए। बबली बुआ मेरे पापा के ताऊजी की बेटी थी। बबली बुआ विधवा हैं। उनके दो बच्चे हैं।

मैंने उनका फोन नंबर ले लिया। उसी समय मैंने बुआ को फोन किया। सामने से आवाज आई- कौन? मैंने अपने बारे में बताया। तो वो फ़ोन पर ही रोने लगी।

इस पर मैंने उनसे कहा- बुआ, आप रोना बंद करो। मैं अभी आपके पास मानेसर आता हूं। मैं तुरंत निकल गया।

मैंने उन्हें फोन किया और पता पूछा। मैं उनके घर पहुंचा। जब दरवाजा खोला तो बुआ सामने थीं, उनकी आंखें लाल थीं, लेकिन उनका गोरा चेहरा और भरा हुआ बदन देखकर मेरे मन में कुछ और ही ख्याल आने लगे।

मैंने उनसे कहा- बुआ, आप रोना बंद करो। क्या दिक्कत है आपको? वो रोने लगी। बोली- मेरा काम छूट गया है। दोनों बच्चों को लेकर में कहाँ जाऊँ?

मैंने उनसे कहा- काम मिल जाएगा। मैं बात करूंगा। वो बोली- राज, रूम का किराया बाकी है। मकान मालकिन बोल रही है कि घर खाली कर दो।

वो रोते रोते मेरे सीने से लग गई। उसकी चूची टाइट थी, मेरे सीने में दब गई। उनकी गर्म सांसें मेरी गर्दन पर लग रही थीं, और उनके भारी स्तन मेरे सीने से सटकर दब रहे थे, मुलायम और गर्म।

मैं बोला- बुआ, रूम का किराया मैं दे दूंगा। और बुआ की पीठ पर हाथ फेरने लगा। बुआ के गर्म जिस्म से अब धीरे धीरे मेरे लौड़े में करंट आने लगा।

बुआ ने कोई जवाब नहीं दिया तो मैंने अपने हाथ से उसकी गान्ड दबा दी। उनकी गांड मुलायम और गोल थी, दबाते ही मेरे हाथ में भर आई, और मेरे लंड में सिहरन दौड़ गई। उन्होंने मुझे कस के पकड़ लिया।

अब मेरी हिम्मत बढ़ने लगी मैंने उसकी साड़ी ऊपर जांघों तक उठा दी और हाथ घुमाने लगा। उनकी गोरी, चिकनी जांघें गर्म थीं, छूते ही मेरी उंगलियां फिसलने लगीं। तो बुआ एकदम से बोली- राज, तुम ये क्या कर रहे हो? मैं तेरी बुआ हूं।

और दूर हो गई, बोली- ये सब गलत है। मैंने कहा- कुछ ग़लत नहीं है। रूम का किराया और काम … मैं दोनों की जुगाड़ कर दूंगा लेकिन मेरा क्या फायदा होगा?

वो बोली- मैं तेरी बुआ हूं। किसी को पता चला तो? मैंने उन्हें अपनी ओर खींचा और कहा- किसी को पता नहीं चलेगा। बस तुम मुझे खुश कर दो। मैं तुम्हें कोई परेशानी नहीं होने दूंगा।

बुआ भी मजबूर थी और कोई सहारा नहीं था। तो थोड़ी देर सोचने के बाद वे बोली- तुम वादा करो कि किसी को भी हमारे रिलेशन का पता नहीं चलेगा कभी!

मैंने कहा- हां! और उसकी साड़ी हटा दी। अब उसके मम्मे ब्लाउज़ से बाहर आने को तैयार थे। मैंने जल्दी से बुआ को नंगी कर दिया और खुद भी नंगा हो गया। उनकी गोरी त्वचा कमरे की हल्की रोशनी में चमक रही थी, स्तन भारी और गुलाबी निप्पल सख्त हो चुके थे।

बिस्तर जमीन पर था। तो मैं लेट गया और बुआ को मेरा लन्ड को चूसने का इशारा किया। वो तो एकदम से प्यासी लड़की की भाँति मेरे लंड पर टूट पड़ी और गपागप गपागप अपने भतीजे का लंड चूसने लगी। उनकी गर्म, गीली जीभ मेरे सुपारे पर घूम रही थी, मुंह की चूषण से आवाजें आ रही थीं।

वो लंड को मस्त हो कर चूस रही थी। बुआ की चूचियां मेरे हाथों में आ गई और मैं धीरे धीरे दबाने लगा। उसकी बड़ी बड़ी चूचियां टाइट थी। फिर मैंने बुआ को बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी चूत को सहलाने लगा।

बुआ की चूत पर काफी बाल थे। मैंने पूछा- बुआ, आप अपनी चूत के बाल साफ़ नहीं करती? तो वे बोली- इसे मैं किसके लिए साफ़ करूं? जबसे तेरे फूफा की मौत हुई है, मेरी चूत सूखी पडी है, इसमें लन्ड नहीं गया।

मैं खुश हो गया। मैंने कहा- आज से मैं आपकी सारी समस्या खत्म कर दूंगा। मैंने बुआ की चूत में उंगली घुसा दी। वो उईई ईईईईई उईई ईईस सीईईईई करने लगी। मेरी बुआ की चूत 20 साल की लड़की की तरह टाइट थी। उनकी चूत की गर्मी और टाइटनेस मेरी उंगली को निचोड़ रही थी।

मैंने उनकी चूत को उंगली से चोद कर उसे गर्म कर दिया। उस रूम में थोड़ा अंधेरा सा था। अब मैं बुआ के नंगे जिस्म के ऊपर आ गया और लन्ड को उनके हाथ में पकड़ा दिया।

बुआ ने अपनी चूत में मेरे लन्ड को सेट किया और अपने चूतड़ उचकाये। मैंने जोर से धक्का लगाया तो मेरा लंड बुआ की कसी हुई चूत में घुस गया। और बुआ ‘ऊईईईई ईईईई ऊईईई उईईई मर गई बचाओ मर गई’ चिल्लाने लगी।

मैंने उनके मुंह में अपना हाथ रख दिया और झटके मारने लगा। अब उनका दर्द कम हो गया, वो कमर को नीचे ऊपर करने लगी। मैंने अपने लंड की रफ्तार बढ़ा दी।

अब बुआ बोलने लगी- आह आह ओहह आहां हहह … राज चोद अपनी बुआ को … आहहह आहहह … चोद … फाड़ दे मेरी चूत को! मैं अपनी बुआ को पूरी रफ्तार से चोदने लगा।

अब उन्हें मज़ा आने लगा। काफी अरसे बाद उनकी चूत में लन्ड घुसा था। अब हम दोनों बुआ भतीजा चूत चुदाई का मज़ा लेने लगे। मैं बहुत खुश था कि मैं अपनी बुआ को चोद रहा हूं।

बुआ की चूत ने पानी छोड़ दिया। अब फच्च फच्च फच्च की आवाज आने लगी। बुआ बोली- राज, तेरा लंड तो कमाल है। आज अपनी रंडी बुआ को चोद चोद कर अपनी रखैल बना ले!

मैंने बुआ को लंड पर बैठा दिया और चोदने लगा। वो उछल उछल कर लंड ले रही थी। मैंने उनसे कहा- तुम मानेसर में थी और मुझे पता नहीं चला, मैं अपने दोस्तों के साथ मानेसर आता रहता हूं।

वो बोली- मैंने तेरे पापा को फोन किया; तब मुझे तेरे बारे में पता चला। अब हम दोनों तेज़ तेज़ झटके मारने लगे लंड सट सट अंदर बाहर करने लगा।

बुआ फिर रोने लगी। मैंने पूछा- क्या हुआ? तो वो बोली- मैं कितनी किस्मत वाली हूं; मेरा भतीजा मुझे चोद रहा है। और चोद … आज अपनी बुआ की फुद्दी फ़ाड़ दे!

मैं और जोश में आ गया और नंगी बुआ की चूत में झटके पे झटके लगाने लगा। “उईई उईई ईईश्ह्स सीईई ईई आहहां हहम्म आहहह आहहहह … चोद चोद … अपनी रंडी बुआ को और चोद!

“आहहह अहहहह ओहह आहह” बुआ खुश थी। अब मैंने बुआ को कुतिया बना दिया और पीछे से लंड डालकर चोदने लगा।

‘उम्माह आहह अह हह आहह’ करके मस्त होकर बुआ लंड ले रही थी। तभी एकदम से मेरे फ़ोन पर पापा का फोन आया।

वे बोले- कहां हो? मैंने लंड चुदाई रोक कर कहा- बबली बुआ के घर आया हुआ हूँ।

वो बोले- वो बेचारी बिना पति के दो बच्चों को पाल रही है। तुम उसकी मदद कर दो! मैंने कहा- मैं उनकी परेशानी खत्म कर दूंगा। आप टेंशन ना लो।

पापा बोले- क्या कर रही है बबली? मैंने कहा- वो भूखी थी तो खाना खा रही हैं।

पापा बोले- ठीक है, उसे खाने दो। तुम उसे कुछ पैसे दे देना। मैं बोला- ठीक है। मैं बुआ को खिला रहा हूं। बाद मैं बात करूंगा।

फोन रखते ही मैंने अपने लंड की रफ्तार फुल स्पीड में कर दी और जोर जोर से झटके मारने लगा। बुआ बोली- मैं भूखी हूं … खिला अपनी बुआ की भूख मिटा दे।

मैंने बुआ को धीरे से उल्टा ही लिटा दिया और ऊपर से झटके मारने लगा। “आहह हहह उम्मह हहह हाह हहह आहहह हहह आह” ऐसी सिसकारियों से रूम गूंजने लगा।

आज मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं 20 साल की टाइट चूत चोद रहा हूं। अब दोनों चुदाई के अंतिम समय तक पहुंच गए। और थोड़ी देर बाद एक साथ दोनों ने पानी छोड़ दिया।

मैं थक कर बुआ के नंगे जिस्म के ऊपर ही लेट गया। हम दोनों का शरीर पसीने में भीग गया था। बुआ बहुत खुश थी क्योंकि उनकी सारी समस्या अब खत्म हो गई थी।

अब दोनों अलग-अलग हो कर लेट गए। मैंने अपने दोस्त को फोन किया और बुआ के लिए कोई जॉब पूछी।

उसने कहा- कपड़े की कंपनी में नौकरी मिल जाएगी। मैंने कहा- ठीक है, मैं कल भेज दूंगा। मेरी बुआ है। ठीक काम पर लगा देना!

वो बोला- तू टेंशन ना ले। बुआ खुश हो गई और मुझे चूमने लगी। बोली- राज, तू मुझे कितना प्यार करता है।

मैंने कहा- बुआ तुम टेंशन ना लो। मैं तुम्हें अब दिक्कत नहीं होने दूंगा। बुआ फिर से मेरे लौड़े को सहलाने लगी और मेरा हाथ पकड़ कर बुआ ने अपने अपने मम्मों पर रख दिया।

मैंने उन्हें उठाकर बिस्तर पर गिरा दिया और लंड को मुंह में डाल दिया। वो गपागप गपागप चूसने लगी। मैंने बुआ की चूत में उंगली घुसा दी और अंदर-बाहर करने लगा।

कुछ देर में ही हम दोनों गर्म हो गए। मैंने अपना लौड़ा बुआ की गीली चूत में घुसा दिया और तेज़ तेज़ झटके मारने लगा।

मैंने 25 मिनट अलग-अलग पोजीशन में बुआ को चोदा और फ़िर उसकी चूत में पानी छोड़ दिया। तब तक उनके बच्चों के रूम आने का टाइम हो गया।

हमने कपड़े पहन लिए। फिर मैंने उन्हें 3500 रूपए दिए और कंपनी का पता बता दिया।

मैंने उससे कहा- जब नौकरी लग जाएगी, तब आऊंगा पार्टी लेने! वो बोली- मैं तो अब हमेशा तुम्हारी हूं। जब चाहो आकर मुझे चोद सकते हो।

उसके बाद मैं गुड़गांव आ गया और हफ्ते में एक दो बार मानेसर जाने लगा। एक बार मैं अपने दोस्त को लेकर गया और दोनों ने बुआ को जमकर चोदा।

दोस्तो, मेरी आंटी सेक्स की कहानी पसंद आयी या नहीं, कमेन्ट जरूर करें।

आगे की कहानी: विधवा बुआ को दोस्त से चुदवाया

संबंधित पोस्ट

Hindi Sex Stories – LustMasti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!