अपनी टीचर बीवी को जवान लड़के से चुदने दिया- 3 – Cuckold1 min read

Cuckold husband sex story – Student ne teacher ko choda sex story: दोस्तों, मैं अनिल अपनी उसी हॉट अध्यापिका बीवी सीमा की तीसरी कड़ी लेकर आया हूँ, जहाँ उसने मेरे घर में मेरे ही कहने पर अपने कॉलेज के छात्र विलास से खूब चुदवाया और फिर मुझे फोन पर एक-एक पल की गर्म कहानी सुनाई।

कहानी का पिछला भाग: अपनी टीचर बीवी को जवान लड़के से चुदने दिया- 2

मैंने पूछा, “बता ना सीमा, उस वक्त क्या हुआ जब तूने कहा कि पीछे से करो?” सीमा की साँसें अभी भी तेज थीं, वो बोली, “विलास ने मना कर दिया, बोला अभी चूत में ही करूँगा, गांड में बाद में, फिर मैं खुद पलट गई, घुटनों के बल होकर गांड ऊपर उठा दी, उसने मेरी कमर पकड़ी और डॉगी स्टाइल में लंड एक झटके में पूरा अंदर ठोक दिया, आह्ह्ह्ह… अनिल, फच-फच-फच की आवाज पूरे कमरे में गूँज रही थी, उसके भारी-भारी धक्कों से मेरे बूब्स आगे-पीछे लहरा रहे थे, वो ऊपर से झुककर मेरे दूध जोर-जोर से मसल रहा था, मैं सिर नीचे करके चिल्ला रही थी, आह ह ह ह ह्हीईई… मर गई… और जोर से… ओह्ह्ह्ह विलास… फाड़ दो आज मेरी चूत!”

“मैं चार-पाँच बार झड़ चुकी थी, मेरी टाँगें काँप रही थीं, फिर भीगी चूत से रस टपक रहा था, करीब बीस-पच्चीस मिनट तक वो मुझे ऐसे ही चोदता रहा, फिर हम दोनों थककर लेट गए, मैं उसकी तरफ पीठ करके लेटी तो उसने पीछे से मुझे लपेट लिया, उसका टाइट लंड मेरी गांड की दरार में रगड़ खा रहा था, वो मेरे कान चूस रहा था, गले पर किस कर रहा था, एक हाथ से मेरे मम्मे दबा रहा था और दूसरे हाथ से चूत का दाना रगड़ रहा था, आह्ह्ह… अनिल, उसकी उंगलियाँ जैसे जादू कर रही थीं, मैं फिर से बड़बड़ाने लगी, और जोर से रगड़ो विलास… आह इह्ह… ओह्ह्ह… माँ कसम बहुत मजा आ रहा है… मेरी चूत फिर से पानी छोड़ने लगी।”

“जैसे ही मैं झड़ी, उसने फटाक से मेरी एक टाँग ऊपर उठाई और लंड फिर से चूत में पेल दिया, मैंने दोनों टाँगें पेट तक सिकोड़ लीं ताकि उसका मोटा लंड पूरा अंदर तक घुस जाए, वो फुल स्पीड में पीछे से ठोकने लगा, आह्ह्ह्ह्ह… आऊऊऊ… ऊईईई… मेरी चीखें कमरे में गूँज रही थीं, मैं चिल्लाई, मर गई रे… फाड़ दो आज… ओह्ह्ह विलास… उसने मुझे दस-पंद्रह मिनट तक ऐसे चोदा कि मेरी हालत खराब हो गई, मैं उसकी हर बात मानने को तैयार थी।”

“फिर उसने लंड बाहर निकाला और सीधा लेट गया, मैंने पूछा, गिर गया क्या? वो मुस्कुराया, बोला अभी नहीं, थोड़ा रुक, हम दोनों पास-पास लेट गए, मैं उससे चिपक गई, उसका लंड हाथ में लेकर सहला रही थी, थोड़ी देर बाद मैं खुद उसके होंठ चूसने लगी, उसके सीने पर किस करने लगी, मेरा मन अभी भरा नहीं था, मैं फिर से चुदवाने को बेताब थी, मैंने उसका लंड मुँह में लिया और चूसने लगी, ग्ग्ग्ग… गों गों… गी गी गी… वो आँखें बंद करके मजे ले रहा था, बोला, हाँ सीमा मस्ती से चूसो… बहुत अच्छा लग रहा है।”

“कुछ ही मिनट में उसका लंड फिर लोहे जैसा टाइट हो गया, मैं खुद उसके ऊपर चढ़ गई, हाथ से लंड पकड़कर अपनी चूत में फिट किया और ऊपर-नीचे होने लगी, मेरी चूत में आग लगी थी, मैं जोर-जोर से लंड को चूत में ठोक रही थी, आह ह ह ह्हीईई… ओह्ह्ह्ह… विलास नीचे से भी धक्के मारने लगा, हम दोनों एक साथ चोद रहे थे, वो मेरे बूब्स मसल रहा था, निप्पल चूस रहा था, उसने उंगली मेरे दाने पर रखी और घुमाना शुरू किया तो मैं तड़प उठी, मेरा रस उसके लंड को भिगोने लगा, मैं निढाल होकर उसकी छाती पर गिर पड़ी।”

“पर वो अभी नहीं झड़ा था, थोड़ी देर बाद फिर नीचे से ठुकाई शुरू कर दी, मैं फिर से गर्म हो गई, हम दोनों पंद्रह मिनट तक तेज-तेज चुदाई करते रहे, उसने अपनी बीच की उंगली मेरी चूत में लंड के साथ घुसेड़ दी, डबल पेनिट्रेशन से मैं पागल हो गई, आह्ह्ह्ह… ऊईईई… फिर से झड़ गई, आखिर में उसने मुझे कसकर बाहों में जकड़ लिया और मेरी चूत में गर्म-गर्म वीर्य की पिचकारियाँ मारने लगा, हम दोनों तृप्त होकर लेटे रहे, उसका लंड मेरी चूत में ही फंसा रहा, वो मेरी पीठ से गांड तक हाथ फेरता रहा, कभी चूतड़ मसल देता तो मैं फिर सिहर उठती।”

“लगभग आधा घंटा हम नंगे एक-दूसरे से लिपटे रहे, फिर उसका लंड ढीला पड़ा तो मैंने प्यार से पोंछा और उसके बगल में सो गई, उसने मुझे बाहों में कसकर बोला, मजा आया ना? मैंने कहा, बहुत… आज तक कभी इतना मजा नहीं आया, वो हँसा और फिर किस करके मुझे दबोच लिया, थोड़ी देर बाद बोला, सीमा उठो शाम हो गई, मैं फिर चिपक गई, मन नहीं कर रहा था उसे छोड़ने को, पर हम उठे, कपड़े पहने और हॉल में आ गए।”

“विलास ने कहा, थैंक्यू मैम, आज सपना पूरा हुआ, मैंने शरमाते हुए बोली, मुझे थैंक्यू बोलो, तुमने मुझे इतना अच्छा चोदा, उसने पूछा, संतुष्ट हुई ना? मैंने बिंदास कहा, हाँ बहुत… तुम्हारा लंड कमाल का है, मेरी चूत को तुमने आज फाड़ दिया, उसने मेरे मम्मों की तारीफ की, चूत की तारीफ की, फिर मैंने पूछा, फिर कब? वो बोला, जब तुम कहोगी, बस एक कॉल करना, फिर किस करके, गांड सहलाकर चला गया।”

“जैसे ही दरवाजा बंद हुआ, मैंने सारे कपड़े उतारे, आईने के सामने नंगी खड़ी होकर अपनी लाल-सुजी चूत देखी, उंगली डालकर चेक किया, सच में फटी हुई लग रही थी, विलास का मोटा लंड याद करके फिर से गर्म हो गई, मैंने तुम्हें फोन मिलाया और सारी कहानी विस्तार से सुनाई, अनिल, तुम्हारा प्लान कामयाब हो गया, आज पहली बार मैं पूरी तरह तृप्त हुई हूँ, और हाँ… अगली बार तुम भी मेरी गीली चूत में लंड डालकर मजा लेना।”

मैंने हँसते हुए कहा, “अब तो विलास तुम्हें जब मन करे चोदेगा और तुम मुझे भी ऐसे ही चोदोगी!” सीमा शरमाई, फिर हँस पड़ी और बोली, “आई लव यू यार… थैंक्यू मुझे ये मौका देने के लिए।”

दोस्तों, अगली कड़ी में बताऊँगा कि उसके बाद विलास ने सीमा को कैसे-कैसे और कब-कब चोदा और मैंने उसकी गीली चूत में अपना लंड कैसे डाला।

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