Gay Sex Story – दोस्त ने कहा तू मेरी बीवी बन फिर… – Gay Sex Story1 min read

हैलो दोस्तों, मेरा नाम विक्की है, लंबाई 5 फुट 8 इंच, दिखने में काफी हैंडसम हूं। मेरा एक बहुत खास दोस्त है जॉली, हम कई सालों से एक-दूसरे के जिगरी यार हैं, कोई बात छुपाते नहीं, ज्यादातर वक्त साथ ही बिताते हैं। आज मैं आपको अपनी उस सच्ची घटना के बारे में बताने जा रहा हूं जो जॉली के साथ घटी।

ये बात कॉलेज के दिनों की है। हमने हिल स्टेशन घूमने का प्लान बनाया, बाकी दोस्त नहीं आए तो सिर्फ हम दोनों निकल पड़े। वहां पहुंचते ही मौसम ने कमाल कर दिया, हल्की-हल्की बारिश, घना कोहरा, ठंडी हवा, मन खुश हो गया। हम दोनों दारू के शौकीन हैं, ऐसे मौसम में तो और मजा आने वाला था।

सुबह पहुंचे, थोड़ा रेस्ट किया, फिर बाहर घूमने निकले। मैंने पूरी ड्राइविंग की थी। मार्केट से शॉपिंग की, दारू ली और रूम की ओर चल दिए। रूम में पहुंचकर कपड़े बदले, दोनों सिर्फ ब्रीफ और टी-शर्ट में आ गए। दारू पीने का मूड बना लेकिन बॉटल तो कार में ही रह गई थी, बाहर मुसलाधार बारिश हो रही थी।

जॉली बोला, “तू जा ला”, मैंने मना कर दिया। फिर टॉस हुआ, वो हारा। उसने सोचा दौड़कर लाता हूं। हमारा रूम ग्राउंड फ्लोर पर था, बीच में सुंदर गार्डन और छोटा स्विमिंग पूल बना था। जॉली तेज दौड़ा लेकिन बारिश से गार्डन कीचड़ भरा था, फिसला और धड़ाम से गिर पड़ा। मैं बालकनी से देखकर हंसने लगा। उसकी जल भड़क गई, नाटक करने लगा कि उठ नहीं पा रहा। मुझे लगा सच में चोट लगी है, दौड़कर उसके पास पहुंचा, तब तक हम दोनों पूरी तरह भीग चुके थे। जैसे ही मैं झुका, उसने मेरा पैर खींचा, मैं भी गिर पड़ा। गुस्सा आया तो बदला लेने उसके ऊपर चढ़ गया, मस्ती शुरू हो गई।

हम दोनों भीगे बदन एक-दूसरे से लिपटकर लोट-पोट हो रहे थे, उसका गीला बदन मेरे शरीर से रगड़ खा रहा था, अजीब सी सिहरन होने लगी। मस्ती करते-करते हम स्विमिंग पूल में जा गिरे। पानी में भी एक-दूसरे को पकड़कर खेल रहे थे, तभी गलती से मेरा हाथ उसके लंड पर पड़ गया, सख्त हो चुका था। मैंने जानबूझकर दबाया, वो चुप रहा। फिर अचानक हमारे होंठ आपस में टकरा गए। दोनों शर्मा गए, एकदम शांत।

जॉली ने सॉरी कहा, मैंने भी कहा, फिर उसने पूछा, “विक्की, कैसा लगा?” मैंने बिना सोचे बोल दिया, “बहुत अच्छा लगा”। मेरे मुंह से ये सुनकर उसके चेहरे पर शरारती मुस्कान आ गई। वो और करीब आया, फिर हम होंठों पर होंठ रखकर किस करने लगे। दो मिनट तक जीभ एक-दूसरे के मुंह में डालकर चूसी, पूल में खुले में किस कर रहे थे, किसी को परवाह नहीं थी। अचानक अलग हुए तो जॉली बोला, “चल रूम में चलते हैं”।

रूम में घुसे, उसने दरवाजा लॉक किया और मुझे दीवार से सटाकर फिर किस करने लगा। मैं भी पूरा साथ दे रहा था, कमरे में सिर्फ उम्ह्ह्ह, स्सर्र्प्प्प की आवाजें गूंज रही थीं। पांच मिनट बाद अलग हुए तो मैं बोला, “तेरी जीभ चूसनी है”। उसने जीभ बाहर निकाल दी, मैंने होंठों के बीच लेकर चूसने लगा। फ्रेंच किस इतना गहरा कि स्सर्र्प्प, उम्ह्ह्ह, ग्ग्ग्ग्ग की आवाजें आ रही थीं। मैं बोला, “तेरा थूक बहुत स्वादिष्ट है, मुझे पिला”। उसने मेरे मुंह में थूक दिया, मैंने सब निगल लिया। फिर हमने एक-दूसरे का पूरा मुंह चाट डाला, गाल, ठोड़ी, नाक, सब कुछ।

कपड़े गीले होने से शरीर से चिपक गए थे। जॉली बोला, “आज तू मेरी बीवी बन जा”। मैंने हां कहा और टॉवल लेकर बाथरूम चला गया। सारे कपड़े उतारे, टॉवल लड़कियों की तरह छाती पर लपेटा, मेरी छाती अच्छी शेप में है तो बूब्स जैसा लग रहा था। बाहर आया तो जॉली की आंखें फटी की फटी रह गईं, बोला, “साले, तू तो मेरी गर्लफ्रेंड से भी ज्यादा सेक्सी लग रहा है”।

मैं बेड की ओर गया, उसने खींचकर मुझे बेड पर गिरा दिया। हम आमने-सामने, चेहरे बिल्कुल करीब। वो किस करने को झुका, मैंने होंठ आगे किए, वो शरारत से ऊपर हटा देता। दो-तीन बार ऐसा किया तो मैंने उसकी गर्दन पकड़कर जीभ से उसके होंठ चाट दिए। फिर वो भी जोश में आ गया, गहरा किस शुरू, उम्ह्ह्ह जॉली आह्ह्ह्ह, स्सर्र्प्प्प की आवाजें।

फिर उसने कहा, “मैं तुझे चोदूंगा”, मैंने शर्त रखी, “पहले मैं तेरी गांड चाटूंगा”। वो तुरंत तैयार। मैंने उसकी ब्रीफ उतारी, बेड पर सीधा लिटाया, दोनों टांगें कंधों पर रखीं। उसकी गांड एकदम साफ-सुथरी थी। पहले गांड के छेद को होंठों से किस किया, दोनों के शरीर में करंट दौड़ गया। फिर जीभ से चाटना शुरू किया, वो तड़प उठा, आह्ह्ह विक्की जोर से, ग्ग्ग्ग्ग, स्सर्र्प्प्प। मैंने जीभ कड़ी करके छेद में घुसाई और चोदने लगा। वो चिल्लाया, “हां चूस मेरी गांड जैसे तू मेरी मां की चाटता है आह्ह्ह्ह”। मैं चौंका, उसे सब पता था! वो बोला, “हां मुझे पता है तू मेरी मां को चोदता है, अब उसे भूल जा, मुझे चाट”। ये सुनकर मैं और पागल हो गया, जीभ से उसकी गांड और जोर-जोर से चोदने लगा।

फिर उसने कहा, “चल 69 करते हैं”। मैं उठा ही था कि उसने मेरा मुंह खींचकर चूमा, मेरे होंठों पर मेरा ही थूक था, वो चाट गया। हम 69 में आ गए। दोनों ने एक साथ लंड मुंह में लिया, हमारे लंड करीब एक ही साइज के थे, उसका थोड़ा गोरा। जैसे ही मुंह में गया, पूरा शरीर झनझना उठा, ग्ग्ग्ग्ग गीगीगी गोंगों, थूक डाल-डालकर खूब चूसा। फिर उसने मेरी गांड में भी ढेर सारा थूक लगाकर चाटी, जीभ अंदर तक घुसाई।

अब वो बोला, “मैं तुझे चोदूंगा”। मैं डॉगी बन गया। उसने लंड गांड पर रखा, एक जोर का धक्का, मैं चीख पड़ा आह्ह्ह्ह। उसने मुंह घुमाकर होंठों पर होंठ रख दिए, जीभ मेरे मुंह में डाल दी और दूसरा धक्का मारा, पूरा लंड अंदर। किस करते-करते चोदने लगा। दर्द धीरे-धीरे मजे में बदल गया। फिर पोजीशन बदली, वो लेटा, मैं उसके लंड पर बैठ गया, धीरे-धीरे नीचे उतरता गया, लंड गांड के सबसे अंदर तक गया, बीच-बीच में उसके होंठ चूसता रहा। वो उठा, हम चेस्ट टू चेस्ट चिपक गए, जोर-जोर के झटके, होंठ चूसते रहे।

फिर उसने मुझे सीधा लिटाया, टांगें ऊपर उठाईं, दो धक्कों में पूरा लंड अंदर। अब वो पूरी तरह मुझ पर लद गया, उसके हाथ मेरे लंड से होते हुए सिर के पीछे, मेरे हाथ उसकी कमर और गांड पकड़कर खींच रहे थे। होंठ चूसना, जीभ की लड़ाई, थूक की अदला-बदली सब चलता रहा। उसके बॉल्स मेरे मुंह से टकरा रहे थे, मैंने जीभ निकालकर चाटने लगा, वो पागल सा और तेज चोदने लगा आह्ह्ह्ह विक्की आह्ह्ह्ह।

जब वो झड़ने वाला था बोला, “विक्की मैं आने वाला हूं, कहां निकालूं?” मैंने कहा, “अंदर ही, अपनी दोस्त की गांड अपने माल से भर दे”। कुछ जोर के झटकों बाद वो मेरी गांड में झड़ गया, आआअह्ह्ह गया रे विक्की, मैंने कहा, “हां छोड़ जॉली, चोद डाल अपने दोस्त को, सारा माल डाल दे”। उसने आह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह करके इतना माल छोड़ा कि गांड लबालब भर गई। फिर वो मुझ पर गिर पड़ा, दो मिनट तक मुंह चाटते रहे।

उसने लंड निकाला, मेरी गांड में जीभ डालकर अपना ही वीर्य चूसा और प्लेट में थूक दिया। मैंने कहा, “अब मेरा चूस”। वो बोला, “जब कहूं तब ये प्लेट चाटकर मुंह में रखना”। मैं तैयार। उसने मेरा लंड चूसना शुरू किया, मैं जल्दी झड़ गया, आआह्ह्ह जॉली तेरे मुंह में आ गया। इतना माल निकला कि उसके मुंह से बाहर बहने लगा। उसने मेरा सिर दबाकर रखा और इशारा किया। मैंने प्लेट में अपना और उसका माल चाट लिया, मुंह में भरा। वो आया, होंठ जोड़ दिए, किस करते हुए सारा माल एक-दूसरे के मुंह में घूमने लगा, थोड़ा बाहर भी गिरा, फिर जो जिसके हिस्से में आया निगल लिया। मेरे हिस्से में ज्यादा था, स्वाद कमाल का।

हम पूरी तरह थक चुके थे, रात के चार बज गए थे, नंगे एक-दूसरे से लिपटकर सो गए। 15 मिनट बाद गला सूखने से उठे, पानी भी एक-दूसरे के मुंह में डालकर पिया। दो दिन तक यही सिलसिला चला। वापसी में कार में उसने मेरा लंड चूसा, फिर जंगल के पास नदी किनारे बारिश में फिर चुदाई की, खुले में पुकच पुकच, आह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह की आवाजें, कमाल का मजा।

अब मेरी शादी हो चुकी है, हम दोनों मिलकर मेरी बीवी को जमकर चोदते हैं।

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