शीतल को पटाकर दोस्त के घर पर सील तोड़ी – Hindi Sex Stories – LustMasti1 min read

Virgin seal breaking sex story – First time sex story: हैलो दोस्तों, मेरा नाम पीयूष है और मुझे सेक्स में बहुत रुचि है। आज मैं आपको अपनी सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ, जिसे पढ़कर आपका लंड खड़ा हो जाएगा। मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ और एक बड़ी प्राइवेट कंपनी में काम करता हूँ, पिछले दो साल से। ऑफिस में ढेर सारी लड़कियाँ हैं, लेकिन शीतल सबसे अलग थी, फिगर 34-26-33, एकदम कातिलाना।

वो मुझे अक्सर लाइन मारती थी, आँखों से इशारे करती थी, मैं भी उसे दिल ही दिल में चाहता था, लेकिन कभी कहा नहीं। वो सुंदर भी थी और अच्छे घर की, इसलिए मैं दूर रहता था। एक रात मोबाइल पर मैसेज आया, पढ़कर सोचा किसका होगा। जवाब में पूछा तो उसने कहा, मैं तुम्हारी शीतल हूँ। मैं चौंक गया, लेकिन फिर बातें शुरू हुईं और हम जल्दी ही करीब आ गए। मैं उसे प्यार करता था, वो भी मुझे।

कुछ दिन बाद उसने खुद कहा, पीयूष मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। मैंने भी हँसते हुए कहा, मैं भी तुम्हें बहुत चाहता हूँ बेबी। फिर लंच टाइम में हम छत पर मिलने लगे, वो घर से स्पेशल खाना लाती और अपने हाथों से खिलाती, कभी-कभी मेरे होंठों पर लगे चावल को अपनी उँगली से छूकर मुझे चखाती। हम किस करने लगे, पहले हल्के-हल्के, फिर गहरे वाले स्मूच।

एक रविवार को मैंने कहा बाहर चलें, वो तुरंत तैयार हो गई। हम मेरे दोस्त के घर पहुँचे, वो अकेला रहता था, मैंने पहले ही उसे बता रखा था। उसने स्वागत किया, पानी पिलाया और बाहर निकल गया। शीतल ने पूछा वो कहाँ गया, मैंने कहा इंटरव्यू है। अब हम अकेले थे।

बातें करते-करते सेक्स तक पहुँच गए, पता चला वो अभी तक कुंवारी है। मैं मन ही मन खुश हो गया कि उसकी सील मुझे तोड़ने का मौका मिलेगा। मैंने देखा कि उसकी साँसें तेज़ हो रही हैं, आँखें शर्म से झुकी हुईं, लेकिन नजरें मुझ पर ही टिकी थीं। मैंने पास जाकर उसके गालों को सहलाया, धीरे से होंठों पर किस किया। वो शर्मा कर मेरी बाहों में समा गई, आह्ह पीयूष।

हम लंबे समय तक किस करते रहे, जीभ एक-दूसरे के मुँह में खेल रही थी, लार का आदान-प्रदान हो रहा था। मेरा हाथ उसकी कमर पर फिसल रहा था, उसने मेरी पीठ पर नाखून गड़ा दिए, इह्ह ओह्ह। मैंने उसके कानों को चूमा, गर्दन पर हल्के काटे, वो सिहर उठी, आह्ह ह्ह्ह पीयूष कितना अच्छा लग रहा है। फिर मैंने उसके टॉप के ऊपर से ही बूब्स दबाए, वो मचलने लगी, आह्ह ब्रा चुभ रही है।

मैंने तुरंत टॉप उतारा, गुलाबी ब्रा में उसके बूब्स किसी बड़े-बड़े आम जैसे लग रहे थे। उसने मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरे सीने पर किस करने लगी। मैंने ब्रा खोली, उसके गोल-गोल बूब्स बाहर आए, भूरे निप्पल्स तने हुए। मैंने उन्हें मुँह में लिया, जीभ से चाटा, हल्के से काटा, वो तड़प उठी, ओह्ह पीयूष आह्ह ह्ह्ह और ज़ोर से चूसो ना। मैं एक बूब को चूसता, दूसरे को हाथ से मसलता, वो मेरे बालों में उँगलियाँ फेर रही थी, सिसकारियाँ ले रही थी, आअह्ह इह्ह ऊउइ।

फिर मैं नीचे आया, उसकी नाभि में जीभ घुमाई, वो कमर उचकाने लगी। मैंने जींस खोली, उसने कूल्हे उठाकर मदद की। अब सिर्फ़ पैंटी बाकी थी, जो चूत के पास पूरी गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी के ऊपर से ही चूत सहलाई, वो जोर से सिहर गई, ओह्ह पीयूष वहाँ मत छुओ, बहुत गुदगुदी हो रही है। लेकिन मैंने रगड़ना जारी रखा, उँगली से क्लिटोरिस को दबाया, वो तड़पकर बोली, आह्ह ह्ह्ह प्लीज़ अब और मत तड़पाओ।

मैंने पैंटी उतारी, उसकी गुलाबी साफ़ चूत देखकर पागल हो गया। मैंने पहले उसकी जाँघों को चूमा, अंदरूनी जाँघों को हल्के काटा, वो पैर फैलाने लगी। फिर मैंने चूत के होंठ अलग किए और जीभ से हल्के से छुआ, वो चीख उठी, आअह्ह्ह ऊईईई पीयूष क्या कर रहे हो। मैंने धीरे-धीरे चाटना शुरू किया, क्लिटोरिस को जीभ से घेरा बनाकर चाटा, कभी तेज़ कभी धीमा, वो पूरी तरह पागल हो गई, ओह्ह ह्ह्ह आह्ह और तेज़ चाटो पीयूष, इह्ह ऊउइ।

फिर मैंने एक उँगली अंदर डाली, वो गीली थी इसलिए आसानी से गई, मैंने अंदर-बाहर करना शुरू किया, साथ में चाटता रहा। दूसरी उँगली डाली और जी-स्पॉट ढूँढकर सहलाया, वो कमर उचकाकर मेरे मुँह पर चूत रगड़ने लगी, आह्ह ह्ह्ह ओह्ह मैं मर जाऊँगी पीयूष, बहुत मज़ा आ रहा है, ऊईईई। वो झड़ने वाली थी, मैंने और तेज़ किया और वो जोर से झड़ गई, आअह्ह्ह्ह ऊउउइइइ पीयूष। उसकी चूत से रस की बूँदें मेरे मुँह पर आईं।

अब उसकी बारी थी। मैंने अपना लंड बाहर निकाला, वो शर्मा कर देख रही थी। मैंने कहा चूसो ना बेबी, पहले वो मना करने लगी, लेकिन मैंने प्यार से मनाया। उसने हल्के से जीभ से छुआ, फिर मुँह में लिया, ग्ग्ग्ग गी गी गों गोग, धीरे-धीरे चूसने लगी। मैंने उसके सिर को पकड़कर गहराई तक किया, वो थोड़ा खाँसी, लेकिन फिर मज़ा लेने लगी, ग्ग्ग्ग गों गोग गी गी। मैं उसके मुँह में ही झड़ने वाला था, लेकिन रुक गया।

अब मैंने उसे लिटाया और अपने लंड को उसकी गीली चूत पर रगड़ने लगा, क्लिटोरिस पर टिप घुमाई, वो तड़प रही थी, ओह्ह पीयूष अब डालो ना प्लीज़, मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही। मैंने कहा बेबी थोड़ा दर्द होगा, लेकिन मैं बहुत प्यार से करूँगा। वो बोली मुझे तुम पर पूरा भरोसा है, बस करो ना। मैंने लंड का सुपारा उसकी चूत के मुँह पर रखा और बहुत धीरे-धीरे दबाव डाला।

सुपारा जैसे ही अंदर गया, वो जोर से चीखी, आअह्ह्ह्ह आईईईई पीयूष बहुत दर्द हो रहा है, रुक जाओ प्लीज़। उसकी आँखों में आँसू आ गए, मैं तुरंत रुक गया, उसे गले लगाया, होंठों पर किस किया, बोला सॉरी बेबी, मैं बहुत आराम से करूँगा। मैंने फिर उसके बूब्स चूसे, निप्पल्स को हल्के चाटा, गर्दन पर किस किया, जब उसकी साँसें नॉर्मल हुईं तो फिर थोड़ा आगे बढ़ाया।

वो फिर सिसक रही थी, आह्ह ह्ह्ह दर्द, लेकिन अब कम था। मैं रुकता, किस करता, सहलाता, फिर थोड़ा और अंदर। इस तरह धीरे-धीरे आधा लंड अंदर गया, उसकी चूत बहुत टाइट थी, सील टूटने से हल्का खून बह रहा था। वो रोते हुए बोली पीयूष बाहर निकालो ना, बहुत जलन हो रही है। मैंने कहा बेबी बस थोड़ा और, फिर मज़ा आएगा, मैं तुम्हें दर्द नहीं होने दूँगा। मैंने अपना लंड हल्का बाहर निकाला, फिर बहुत आराम से फिर अंदर किया, इस बार वो कम चीखी, उफ्फ्फ आह्ह।

मैंने उसे लगातार प्यार किया, कान में फुसफुसाया कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ, तुम मेरी जान हो। कुछ देर ऐसे ही हल्के-हल्के मूवमेंट करने के बाद वो रिलैक्स हुई, उसकी चूत ने लंड को एक्सेप्ट करना शुरू किया। अचानक वो बोली, पीयूष अब थोड़ा अच्छा लग रहा है, और करो। मैंने धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई, पूरा 6 इंच का लंड अब उसकी कुंवारी चूत में समा गया था।

अब वो दर्द भूलकर मज़ा लेने लगी, आह्ह पीयूष हाँ ऐसे ही, और ज़ोर से, ओह्ह मेरे जानू चोदो मुझे। उसने अपनी टांगें मेरी कमर पर लपेट लीं, चूतड़ उठाकर साथ देने लगी। मैंने भी जोश में आकर तेज़ धक्के मारने शुरू किए, आधे घंटे तक जमकर चुदाई की। जब मेरा होने वाला था तो बोला, शीतल मेरा माल आने वाला है, वो बोली अंदर ही छोड़ दो जानू, मैं तुम्हारा सबकुछ चाहती हूँ। मैंने उसके अंदर ही झड़ दिया और वो भी मेरे साथ झड़ गई, आअह्ह्ह्ह ऊईईई पीयूष।

हम दोनों पसीने से तर, थककर एक-दूसरे से लिपट गए। मैंने उसके माथे पर किस किया, बोला थैंक यू बेबी, तुमने मुझे अपनी सबसे कीमती चीज़ दी। वो शर्मा कर मुस्कुराई, बोली दर्द हुआ लेकिन तुमने इतना प्यार से किया कि अब सिर्फ़ मज़ा याद रहेगा। उस दिन हमने दो बार और सेक्स किया, हर बार पहले लंबा फोरप्ले और फिर प्यार से चुदाई। बाद में भी कई बार चोदा, वो हमेशा तैयार रहती। धन्यवाद।

संबंधित पोस्ट

Hindi Sex Stories – LustMasti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!