भतीजे ने चाची की चूत चाटकर पागल कर दिया – Hindi Sex Stories – LustMasti1 min read

Village chachi sex story – nephew aunt incest sex story: मेरा नाम राजीव है और मैं बलिया का रहने वाला हूं। दोस्तों, आज मैं आपको अपनी सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूं, जिसमें मैंने अपनी चाची को चोदा। मेरी चाची की उम्र करीब 36 साल है और उनका फिगर 36-28-34 का है, वो एकदम सुंदर और सेक्सी हैं।

जब वो मटकती हुई चलती हैं तो उनकी चोली के अंदर से बड़े-बड़े बूब्स उछलते-कूदते दिखाई देते हैं, और अपनी बड़ी सी गांड को हिलाकर चलना उनकी आदत है। उनकी गांड फुटबॉल की तरह गोल-मटोल और बड़ी है, जब वो बैठती हैं तो साड़ी उनकी गांड की दरार में घुस जाती है और खड़ी होकर वो उसे बाहर निकालती हैं।

ये सब नजारे देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाता है। हम दोनों में बहुत प्यार है, वो मेरी चाची हैं लेकिन कभी-कभी हंसी-मजाक में मुझे गालियां भी देती रहती हैं। मैं उनसे कहता हूं कि चाची, मैं आपके बेटे जैसा हूं, आप मुझे इस तरह गालियां नहीं दे सकतीं।

तो वो कहती हैं कि मैं तुम्हें कितने प्यार से गाली देती हूं, इसमें बुरा क्या है। मेरी मम्मी भी उनका साथ देती थीं और अब मेरी तो आदत हो गई थी उनकी गालियां सुनने की। लेकिन आजकल चाची मुझे कहीं भी मिलतीं तो मुस्कुरा देतीं और गालियां दूसरी तरह से देती थीं।

जैसे अगर उन्हें मुझसे मदरचोद बोलना होता तो वो बस ‘मां’ पर ज्यादा जोर लगाकर बोलती थीं। इसका मतलब था कि चाची अब मुझ पर लाइन मार रही थीं, क्योंकि मैं उनके बूब्स और गांड को देखता तो वो मुझे और ज्यादा दिखाने की कोशिश करती थीं।

वो अपनी नजर झुका लेतीं और किसी काम में व्यस्त हो जातीं, जिससे मुझे लगे कि चाची व्यस्त हैं और मैं उनके बूब्स मजे से देख सकता हूं। वो हमेशा मुझे अपनी ओर आकर्षित करने में लगी रहतीं और मैं भी मौके का फायदा उठाकर उनके कामुक जिस्म को घूरता रहता हूं।

ये सब कुछ दिनों तक चलता रहा और फिर एक दिन हमारे रिश्तेदार के यहां शादी थी, तो मम्मी-पापा शादी में चले गए। दोपहर का समय था, दादी मां भी कहीं बाहर गई हुई थीं, उस समय मैं घर पर अकेला था। मैंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया, कपड़े उतारे और पॉर्न फिल्म शुरू कर दी, बहुत मजे लेकर देखने लगा।

करीब आधे घंटे बाद अचानक चाची चिल्लाईं, दरवाजा खोलो। मैंने जल्दी से कपड़े पहने और दरवाजा खोला, लेकिन मेरा तना हुआ लंड कपड़ों के अंदर से साफ नजर आ रहा था, जिसे देखकर चाची मन ही मन मुस्कुरा रही थीं।

फिर उन्होंने कहा, चल बाहर चलकर खाना खा ले। मैं चुपचाप सिर झुकाए बाहर चला गया, खाना खाने के बाद वो जबरदस्ती मेरा हाथ पकड़कर मुझे कमरे में ले गईं। मैं 25 साल का था, लेकिन चाची मुझसे ज्यादा ताकतवर और उम्र में बड़ी थीं।

चाची ने पूछा, तू अंदर क्या कर रहा था। मैंने कहा, वो मैं तो पढ़ाई कर रहा था। चाची बोलीं, हां, अभी मैंने खिड़की से तेरी वो पढ़ाई देखी है, जिसे तू बहुत मन लगाकर देख रहा था।

मैंने कहा, लेकिन चाची इसमें गलत क्या है। चाची ने मुस्कुराते हुए कहा, हां वैसे इसमें गलत कुछ नहीं है, मैं भी कभी-कभी मुठ मारती हूं। मैं चौंका, लेकिन चाची इसमें गलत कुछ नहीं है, मैं भी कभी-कभी मुठ मारती हूं।

मैंने पूछा, लेकिन आप ये सब क्यों करती हैं, क्या अंकल आपको नहीं चोदते। चाची बोलीं, तो मैंने अपने दो बच्चे कैसे पैदा कर दिए। मैंने कहा, तो मैं अब क्या कर सकता हूं।

चाची ने शरमाते हुए कहा, क्या तू अब मुझे भी वो सेक्स वीडियो दिखाएगा। मैंने कहा, क्यों नहीं, चलो आज हम दोनों एक साथ देखकर मुठ मारते हैं। चाची बोलीं, चल ठीक है।

फिर मैंने एक सेक्सी वीडियो शुरू की और हम दोनों नंगे हो गए। चाची का जिस्म देखकर मैं पागल हो गया, उनके बड़े-बड़े सुंदर बूब्स और उन पर काली-काली चूचियां, मेरा जी कर रहा था कि दोनों को मुंह में लेकर चूसकर दूध पी लूं।

मुलायम चिकनी जांघों के बीच उनकी चूत थोड़ी गीली थी, जी कर रहा था कि अपना 7.5 इंच का लंड एक बार में ही अंदर कर दूं। मैं उन्हें घूर-घूरकर देख रहा था और वो वीडियो देख रही थीं।

चाची ने पूछा, क्यों, तुझे मैं कैसी दिखती हूं। मैंने कहा, चाची आप बहुत सुंदर, हॉट, सेक्सी और बड़ी चुदक्कड़ हैं। चाची मुस्कुराईं, हां तू भी मुझे ठीक लगता है।

मैंने हिम्मत करके पूछा, चाची क्या मैं आपको चोद सकता हूं। चाची बोलीं, साले मैं आज यहां तुझसे चुदने ही तो आई हूं, ये वीडियो तू देख, मुझे वो दिखा जो एकदम असली है।

चाची के मुंह से ये सुनकर मैं घुटनों के बल बैठ गया और उनकी चूत चूसने लगा, मैंने चूत को फैलाकर उनके दाने से खेलने लगा, चाची ऊह्ह्ह आह्ह्ह इह्ह्ह की आवाजें निकालने लगीं, आह राजीव, ओह्ह क्या कर रहा है, ह्ह्हीईई आअह्ह्ह।

चाची बोलीं, मदरचोद तू ये क्या कर रहा है। मैंने कहा, चुप कर रंडी साली, अभी तुझे वो मजा दूंगा जो तू जिंदगी भर याद रखेगी। फिर मैंने उनके होंठों को किस किया, मुंह पर रुककर उनकी जीभ चूसने लगा, हम दोनों की लार बह रही थी।

मैंने कहा, भोसड़ी चुपचाप मुंह खोल। उन्होंने मुंह खोला, मैंने अपना थूक उनके मुंह में डाल दिया, वो सब निगल गईं और हम फिर किस करने लगे, जीभें आपस में लिपट गईं।

इसके बाद मैं बेड पर बैठ गया और चाची मेरा लंड चूसने लगीं, ग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग गी गी गों गों गोग की आवाजें आने लगीं, मुझे इतना मजा पहले कभी नहीं आया, मैं जोश में उनके मुंह को चोदने लगा।

चाची लंड बाहर निकालना चाहती थीं, लेकिन मैंने उनका सिर दबा लिया, मेरा पूरा 7.5 इंच का लंड उनके गले तक पहुंच गया, चाची गों गों कर रही थीं, आंखों से पानी निकल आया।

मैं बोला, चूस साली रंडी, चूस मेरा लंड, पता नहीं कितनों से चूत मरवाई है तूने, कुतिया चूस, आज खा जा इसे। चाची बोलीं, साले अब मेरी चूत से नहीं रहा जाता, चोद दे मुझे, इस तेरी रंडी की चूत में डाल दे अपना लंड।

मैंने उनकी चूत पर लंड रखकर धक्का मारा, लेकिन फिसल गया। चाची बोलीं, साले तेरा लंड मेरी टाइट चूत में घुस नहीं पा रहा, पहले अपनी मां की चूत मारकर आ मदरचोद।

मैंने कहा, साली मुझे आज तक तेरे जैसी रंडी मिली ही नहीं। चाची ने दोनों पैर फैलाए, चूत हाथ से खोली, मैंने लंड थोड़ा अंदर किया।

चाची बोलीं, पूरा डाल साले, मैं तेरा लंड लेने को तड़प रही हूं, चोद साले, चोदकर दिखा अपने लंड का दम, आह ह्ह्ह इह्ह्ह। मैंने जोरदार झटका मारा, लंड चूत को चीरता हुआ पूरा अंदर घुस गया।

मैं बोला, बहुत मजा आ रहा है रंडी तुझे चोदने में, वाह तेरी चूत बहुत मस्त है साली कुतिया। चाची चिल्लाईं, कुत्ते तुझसे चुदकर मुझे ज्यादा मजा आ रहा है, तेरा लंबा लंड मेरी चूत के सबसे अंदर तक जाता है, आह्ह्ह ओह्ह ऊउइ ऊईईई, ह्हीईई आअह्ह्ह।

मैंने कहा, तू शादी कर या ना कर, अब तेरी चूत का मालिक मेरा लंड है, मैं तुझे चोद-चोदकर तेरी चाल बदल दूंगा, आने वाले नौ महीने में तुझे प्यारा बच्चा भी दूंगा।

20 मिनट तक लगातार धक्के मारने के बाद मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में डाल दिया, चाची की चूत गर्म वीर्य से भर गई।

चाची बोलीं, साले क्या अपनी मां को चोदेगा। मैंने कहा, हां, क्या चाल है उसकी, गांड हिला-हिलाकर चलती है, दिल करता है गांड मार लूं रंडी की।

चाची बोलीं, तू आने दे उसे, वो एकदम पटी हुई है, हम दोनों हमेशा तेरा लंड याद करके मुठ मारते थे। मैंने कहा, तो मतलब मेरी मां भी रंडी है।

चाची बोलीं, हां मुझसे ज्यादा वो चुदती है, मैं तुझे पटाने के लिए ही गालियां देती थी और आखिर में मैंने तुझे पटा ही लिया। मैंने कहा, मैं भी तुम दोनों को चोदना चाहता था, लेकिन डरता था।

कुछ देर बाद चाची उठीं, कपड़े पहने और कमरे से चली गईं, मैं बाथरूम में नहाने चला गया। लेकिन उस रात मैंने उन्हें सोचकर दो बार मुठ मारी और मां की चुदाई की सोचने लगा।

फिर चाची की मदद से मैंने अपनी मां को भी चोदा। अब मैं दोनों को एक साथ चोदता हूं और उनकी चूत का रस पीता हूं, जो मुझे बहुत पसंद है।

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