Sister goa fuck sex story – Brother sister bikini sex story – Incest dirty talk sex story – New year sex story: मेरा नाम अजय है और मैं मध्य प्रदेश का रहने वाला हूं। उस समय मेरी उम्र 23 साल थी, जब ये सब हुआ। मैं एक साधारण लड़का था, कॉलेज खत्म करके जॉब की तलाश में था, लेकिन घर पर ज्यादा समय बिताता था। आज मैं आपको अपनी जिंदगी की वो घटना बताने जा रहा हूं, जो मेरी बड़ी बहन दीक्षा के साथ घटी। ये कहानी पूरी तरह सच्ची है, और इसमें मैंने उसे गोवा में न्यू ईयर के बहाने ले जाकर अच्छे से चोदा। वो पल आज भी याद आते हैं तो शरीर में सिरहन दौड़ जाती है।
दीक्षा मेरी बड़ी बहन है, उस समय वो 26 साल की थी। वो एक प्राइवेट बैंक में जॉब करती थी, सुबह जाती और शाम को लौटती। उसका फिगर कमाल का था, 36-26-28, मतलब बड़े-बड़े बूब्स, पतली कमर और गोल-मटोल हिप्स। गोरा रंग, लंबे बाल और वो मुस्कान जो किसी को भी दीवाना बना दे। घर पर वो ज्यादातर सलवार सूट पहनती थी, जो उसके कर्व्स को हल्का-हल्का हाईलाइट करता था, लेकिन कभी-कभी कुर्ता और लेगिंग में वो और भी सेक्सी लगती। लेगिंग उसके गांड को इतना टाइट पकड़ती कि चलते समय उछाल साफ दिखता। हम दोनों बचपन से बहुत क्लोज थे, जैसे बेस्ट फ्रेंड्स। वो मुझे अपनी हर बात बताती, बॉयफ्रेंड्स की, ऑफिस की गॉसिप, सब कुछ। मैं भी उसे अपना राजदार मानता था।
लेकिन क्लोजनेस के साथ-साथ मेरे मन में उसके लिए कुछ और भी था। जब हम घर पर अकेले होते, मैं मजाक-मजाक में उसके साथ फ्लर्ट करता। कभी उसकी कमर पकड़ लेता, कभी बूब्स को हल्का टच कर देता। वो हंसकर कहती, “अजय बेटा, बदमाशी मत कर,” लेकिन कभी सीरियस गुस्सा नहीं करती। वो जानती थी कि मैं उसे बहुत चाहता हूं, और शायद उसे भी ये छेड़छाड़ अच्छी लगती थी। एक बार तो मैंने किचन में उसे पीछे से हग किया, मेरा लंड उसकी गांड से टच हो गया, वो पलटी और बोली, “क्या कर रहा है रे, इतना क्लोज मत आ,” लेकिन उसकी आंखों में वो शरारत थी जो मुझे और उकसाती।
फिर वो दिन आया जब मम्मी-पापा को मेरे कजिन की शादी में सूरत जाना पड़ा। वो पांच-छह दिनों के लिए गए थे। घर पर सिर्फ मैं और दीक्षा। पहले दिन तो हम नॉर्मल रहे, टीवी देखा, खाना बनाया, लेकिन शाम को बोरियत होने लगी। मैंने सोचा, ये मौका है। रात को डिनर के बाद मैंने दीक्षा से कहा, “दी, घर पर इतनी बोरिंग हो रही है, क्यों न हम कहीं घूमने चलें? न्यू ईयर भी आने वाला है, मजा आएगा।” वो सोफे पर बैठी थी, लेगिंग और कुर्ते में, उसके बूब्स कुर्ते से बाहर झांक रहे थे। वो बोली, “पागल है क्या अजय? मम्मी-पापा को पता चल गया तो मार डालेंगे।” मैंने उसके पास बैठते हुए कहा, “अरे दी, चिंता मत करो, हम चुपचाप जाएंगे, किसी को बताएंगे नहीं। पांच दिन की ट्रिप, बस हम दोनों।” वो थोड़ा सोचने लगी, उसकी आंखों में एक्साइटमेंट था।
मैंने और प्रेशर डाला, “सोचो दी, गोवा जाएंगे, बीच, पानी, पार्टी। तुम्हें तो बैंक से छुट्टी मिल ही जाती है।” वो हंसकर बोली, “गोवा? वहां तो सब हॉट-हॉट लड़कियां होती हैं, तू मुझे क्यों ले जा रहा है?” मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा और कहा, “क्योंकि तू मेरी फेवरेट है दी, तेरे साथ मजा आएगा। पानी में खेलेंगे, डांस करेंगे।” वो शरमाकर बोली, “ठीक है बेटा, लेकिन स्ट्रिक्टली सीक्रेट।” मैं खुशी से उछल पड़ा और उसे जोर से हग कर लिया। मेरा सीना उसके बूब्स से दबा, वो नरम-नरम लगे। वो बोली, “अरे बदमाश, अभी से शुरू हो गया?” मैंने कहा, “दी, वहां तो और मजा करेंगे।”
अगले दिन मैंने टिकट बुक कर दी। शाम को पैकिंग शुरू की। दीक्षा ने पूछा, “क्या-क्या रखूं?” मैंने कहा, “वेस्टर्न ड्रेस, शॉर्ट्स, टॉप्स। गोवा में सब ऐसे ही पहनते हैं।” वो हंसकर बोली, “अच्छा, तू मुझे ऐसे देखना चाहता है?” मैंने मजाक में कहा, “हां दी, तेरे फिगर पर सूट करेगा।” वो शरमाकर चली गई। ट्रैवल के दिन वो पर्पल टी-शर्ट और जीन्स में तैयार हुई। टी-शर्ट इतनी टाइट कि उसके 36 साइज के बूब्स बाहर आने को तैयार, ब्रा की लाइन साफ दिख रही थी। मैं उसे देखता रह गया। वो बोली, “क्या हुआ बेटा, इतना घूर क्यों रहा?” मैंने कहा, “दी, आज तू एकदम हॉट लग रही है, जैसे कोई मॉडल।” वो गाल पर थप्पड़ मारकर बोली, “चल बदमाश, देर हो रही है।”
हम वोल्वो बस से निकले। पीछे की सीट मिली। रात हुई तो दीक्षा सीट पीछे करके लेट गई। उसकी टी-शर्ट ऊपर सरक गई, पेट दिखने लगा, बूब्स ऊपर-नीचे हो रहे थे। मैं उसे देखकर गरम हो गया, मेरा लंड जीन्स में तन गया। मैंने सोचा, कंट्रोल कर अजय, अभी तो शुरुआत है। सुबह 10 बजे गोवा पहुंचे। दीक्षा बोली, “अब कहां जाएंगे?” मैंने कहा, “बीच के पास कॉटेज लेंगे।” टैक्सी से कोलवा बीच गए। वहां कॉटेज वाले ने हमें देखा, दीक्षा जीन्स-टॉप में सेक्सी लग रही थी। उसने पूछा, “रूम चाहिए?” मैंने कहा, “हां, तीन दिन के लिए।” आईडी दी, उसने पूछा, “कपल हो?” मैंने हां कहा। रूम में घुसते ही दीक्षा ने मुझे पीछे से मारा, “बेटा, कब से कपल हो गए हम?” मैंने हंसकर कहा, “दी, यहां फैमिली रूम नहीं देते, कपल कहना पड़ता है।”
रूम अच्छा था, अटैच बाथरूम। दीक्षा बोली, “चल, फ्रेश होकर बीच चलते हैं।” वो बाथरूम गई, मैं बाहर इंतजार कर रहा था। थोड़ी देर बाद वो टॉवल लपेटकर बाहर आई। सिर्फ टॉवल में, नीचे से जांघें नंगी, पानी की बूंदें चमक रही थीं, ऊपर से बूब्स का आधा हिस्सा बाहर। मैं पागल हो गया। वो बोली, “क्या देख रहा है बेटा?” मैंने कहा, “दी, तू ऐसे पहली बार दिख रही है, कितनी हॉट है तू।” वो हंसकर बोली, “अब इतनी तारीफ मत कर, तू भी नहा ले।” मैं नहाकर आया, शाम के तीन बज गए।
बीच पर निकले। मैं शॉर्ट्स और बनियान में, बिना अंडरवियर। दीक्षा जीन्स-टॉप में। वहां ढेर सारी लड़कियां बिकनी में। मैंने कहा, “वाह दी, देख कितनी हॉट हैं ये विदेशी।” दीक्षा को जलन हुई, बोली, “क्या पागल हो गया? मुझे छोड़कर उन्हें घूर रहा है?” मैंने कहा, “अरे दी, वो तो बस कह रहा हूं, वो दो पीस में अच्छी लग रही हैं।” वो चुप हो गई। हम पानी में गए। मैंने उसे धक्का दिया, वो गिरी, मैंने पकड़ा तो हाथ उसके बूब्स पर लगे। वो गीली हो गई, टी-शर्ट चिपक गई, गुलाबी ब्रा साफ दिख रही थी, पेट नंगा। वो बोली, “अजय, क्या कर रहा है रे?” लेकिन हंस रही थी। हम खेलते रहे, मैं उसके करीब आता, उसे छूता।
पानी से बाहर आए, ठंड लग रही थी। मैं लड़कियों को देख रहा था, मेरा लंड शॉर्ट्स में तन गया। दीक्षा ने नोटिस किया, बोली, “अजय, क्या देख रहा है? तेरा वो… खड़ा हो गया।” मैंने कहा, “दी, वो विदेशी कितनी हॉट हैं।” वो नाराज बोली, “मुझसे ज्यादा हॉट हैं क्या?” मैंने कहा, “तुझे तो मैंने ऐसे कभी देखा नहीं, बिकनी में।” वो बोली, “अच्छा, चल रूम में, फिर दिखाती हूं।” मैं मन में खुश, सोचा आज चुदाई हो जाएगी। रूम जाते समय मैंने उसका हाथ पकड़ा, मेरा लंड अभी भी तना था।
रूम में पहुंचे, दोनों गीले। दीक्षा बोली, “तू पहले कपड़े चेंज कर।” मैं बाथरूम गया, शावर लिया और सिर्फ टॉवल लपेटकर बाहर आया। दीक्षा बोली, “अब तू देख।” वो बाथरूम गई, थोड़ी देर बाद बाहर आई सिर्फ गुलाबी ब्रा और पेंटी में। उसका गोरा बदन, पतली कमर, गोरी जांघें, बूब्स ब्रा से बाहर आने को। मैं देखता रह गया, लंड टॉवल में तन गया। वो बोली, “अब बता बेटा, मैं हॉट हूं या वो?” मैंने कहा, “दी, तू सबसे हॉट है। चल ना, ऐसे ही पानी में भीगते हैं।” वो बोली, “नहीं बेटा, बाहर नहीं जा सकती ऐसे, यहीं मस्ती करेंगे।”
शाम के 8 बज गए। दीक्षा बोली, “तू कपड़े पहन ले टॉवल में क्यों है?” मैं शरमाया, “दी, शर्म आ रही है।” वो हंसकर बोली, “मैं ऐसे बैठी हूं, तुझे शर्म?” और झट से टॉवल खींच दिया। मैं नंगा, मेरा 7 इंच लंड खड़ा। मैंने हाथ से छुपाया। वो बोली, “छुपा क्यों रहा बेटा? मैं भी तो आधी नंगी हूं।” उसने मेरे हाथ हटाए, लंड देखकर बोली, “वाह अजय, कितना बड़ा हो गया तेरा।” मैंने कहा, “दी, तूने मेरा देख लिया, अब मुझे तेरा दिखा।” वो बोली, “ठीक है, जो देखना है देख।”
मैंने उसकी ब्रा का हुक खोला, ब्रा गिरा दी। उसके बड़े गोरे बूब्स बाहर, भूरे निप्पल्स तने। मैंने उन्हें चूसना शुरू किया, “आह दी, कितने नरम हैं तेरे बूब्स।” वो सिसकारी, “आह्ह… अजय बेटा… हाय… चूस ना जोर से… अपनी दीदी के बूब्स चूस।” मैं एक को मुंह में लेता, दूसरे को दबाता। वो मेरे लंड को सहला रही थी, “ओह्ह… कितना गर्म है तेरा लंड बेटा… दीदी के लिए इतना तना हुआ।”
फिर मैंने उसे खड़ा किया, पेंटी उतारी। उसकी चूत गोरी, हल्के बाल, गीली। रस टपक रहा था। मैंने उंगली डाली, “दी, तेरी चूत कितनी टाइट है।” वो कांपी, “आह्ह… ओह्ह… अजय… और अंदर डाल… अपनी दीदी की चूत में उंगली कर।” मैंने दो उंगलियां डालीं, अंदर-बाहर करने लगा। वो जोर से कराही, “आह्ह… ह्ह्ह… हाय… कितना मजा आ रहा है बेटा… चाट ना अब।” मैंने घुटनों पर बैठकर उसकी चूत चाटी, जीभ अंदर डाली। वो मेरे बाल पकड़कर दबाने लगी, “आह्ह… ओह्ह… चाट ले अपनी दीदी की चूत… रस पी ले सारा… ऊई… ऊईई…”
15 मिनट तक ये चला। फिर उसने मेरा लंड मुंह में लिया, “ग्ग्ग्ग… गी… गों… गोग…” गहरे तक चूस रही थी, “आह बेटा, तेरा लंड कितना स्वादिष्ट है… दीदी चूसेगी पूरा।” मैं उसके मुंह में धक्के देने लगा। फिर वो ऊपर चढ़ी, लंड चूत पर रगड़ा, “ओह्ह… कितना मोटा है… दीदी की चूत में जाएगा?” हम किस करने लगे, जीभ आपस में लड़ रही थीं।
मैंने उसे बेड पर लिटाया, लंड चूत पर सेट किया, धीरे धक्का दिया। आधा अंदर गया, वो चीखी, “आह्ह… ओह्ह… धीरे बेटा… दीदी की चूत फाड़ देगा तू… हाय… कितना बड़ा है।” मैंने पूरा डाला, जोर-जोर से धक्के मारे। उसके बूब्स उछल रहे, “आह्ह… ह्ह्ह… चोद मुझे अजय… अपनी दीदी को चोद… जोर से… ऊउइ… ऊईई…” मैं बोला, “दी, तेरी चूत कितनी गर्म है… भाई का लंड ले ले पूरा।” 10 मिनट चोदा, फिर मैं झड़ने वाला था। लंड निकाला, उसके बूब्स और चेहरे पर माल गिराया।
हम थककर लेटे। दीक्षा बोली, “बेटा, कितना सुकून मिला… तेरे से चुदवाकर।” फिर हम साथ शावर लिए, वहां फिर किसिंग, बूब्स दबाना। रात नंगे सोए, मेरा लंड उसकी चूत को छूता रहा। अगले दिनों गोवा में मैंने उसे मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल हर पोज में चोदा। एक बार बीच पर रात को हल्की मस्ती, लेकिन रूम में जमकर। घर लौटकर भी ये जारी रहा, लेकिन गोवा की यादें स्पेशल हैं।
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