टीम लीड मैडम को टेबल पर घोड़ी बनाकर चोदा1 min read

Office sex story – boss lady sex story – lunch break sex story: मेरा नाम रोहन है, 26 साल का, 6 फीट का हरियाणवी लड़का और लंड पूरा 8 इंच का मोटा। मैं नोएडा की एक बड़ी आईटी कंपनी में जॉब करता हूँ। हमारी टीम लीड रश्मि मैडम हैं, उम्र 38 साल, शादीशुदा, लेकिन जिस्म ऐसा कि बॉस भी उनके पीछे पागल हैं। साड़ी में जब वो मीटिंग में आती हैं तो पतली कमर, भारी बूब्स और मटकती हुई गोल गाँड देखकर हर लड़के का लंड तंबू बना लेता है।

रश्मि मैडम का पति दिल्ली में बिजनेस करता है, हफ्ते में दो-तीन दिन ही घर आता है। बाकी दिन मैडम अकेली रहती हैं। वो मुझसे खुलकर बात करती थीं, कभी-कभी देर रात तक वर्क फ्रॉम होम कॉल पर हँसती-बोलती रहती थीं। उनकी आवाज में एक अजीब सी कसक थी, जैसे कुछ कहना चाहती हों।

एक दिन लंच ब्रेक में सब लोग कैंटीन चले गए। मैं अपना लैपटॉप बंद कर ही रहा था कि मैडम ने कॉल किया, “रोहन, थोड़ा जल्दी फिफ्थ फ्लोर के मीटिंग रूम में आना, एक प्रेजेंटेशन डिस्कस करना है।” मैं समझ गया था कि कुछ और खेल होने वाला है।

मीटिंग रूम में पहुँचा तो दरवाजा अंदर से लॉक था। मैडम अकेली बैठी थीं, सफेद शिफॉन साड़ी पहनी थी, पल्लू हल्का सा सरका हुआ, ब्लाउज़ से बूब्स का आधा हिस्सा दिख रहा था। एसी की ठंडी हवा में उनके बदन से हल्की परफ्यूम और पसीने की मादक खुशबू आ रही थी।

मैंने मुस्कुराकर कहा, “मैडम, प्रेजेंटेशन कहाँ है?” वो कुर्सी से उठीं, मेरे पास आईं और धीरे से बोलीं, “प्रेजेंटेशन तो तू ही है रोहन… आज से कई दिन से देख रही हूँ, तेरा लंड मेरी साड़ी देखकर खड़ा हो जाता है।” मैंने हिम्मत करके उनकी कमर में हाथ डाला और खींच लिया। उनकी गर्म साँसें मेरी गर्दन पर लग रही थीं। मैंने कान में फुसफुसाया, “रश्मि… आज तेरी चूत की सारी भूख मिटा दूँगा।” वो काँप गईं और बोलीं, “दरवाजा लॉक कर दे, कोई आ गया तो नौकरी चली जाएगी।”

मैंने लॉक किया और मैडम को मीटिंग टेबल पर टिका दिया। उनके होंठों पर अपने होंठ रखे, जीभ अंदर डालकर उनकी जीभ चूसने लगा। चक चक चक… लार की आवाज कमरे में गूँज रही थी। मैडम की साँसें तेज, “उम्म्म्ह्ह्ह रोहन… कितने दिन से तरस रही हूँ… मेरे पति को तो अब चूत में डालने में भी मजा नहीं आता।”

मैंने उनका पल्लू गिराया, ब्लाउज़ के हुक खोलते हुए बूब्स को दबाया। ब्रा से बाहर आए 36 साइज के गोरे-गोरे बूब्स, गुलाबी निप्पल तने हुए। मैंने एक निप्पल मुँह में लेकर जोर से चूसा, “आअह्ह्ह्ह रोहन… दाँत लगा… पूरा चूस ले… आज ये चुचे तेरे हैं।”

फिर मैंने साड़ी ऊपर उठाई, क्रीम कलर की पैंटी पूरी गीली थी। मैंने नाक उस पर टिका दी – उफ्फ्फ क्या खुशबू थी, परफ्यूम, पसीना और चूत का रस मिला हुआ। पैंटी उतारी तो चूत एकदम साफ-सुथरी, हल्के बाल, गुलाबी और टाइट। मैंने घुटनों पर बैठकर चूत चाटनी शुरू की। मैडम ने टेबल पर लेटकर टाँगें चौड़ी कर दीं, “चाट रोहन… पूरा रस पी ले… कोई कभी नहीं चाटता मेरी बुर… ओह्ह्ह्ह्ह ऊउइइइइ ह्हीईईई मर गई रे… झड़ रही हूँ।”

अब मैडम ने मेरी पैंट खोली। मेरा 8 इंच का मोटा लंड देखकर आँखें चमक गईं, “बाप रे… ये तो मेरे पति का दोगुना है।” वो घुटनों पर बैठ गईं और लंड मुँह में ले लिया – ग्ग्ग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग्ग गी गी गों गों गोग्ग्ग्ग – पूरा गले तक ले गईं, आँखों में पानी, फिर भी नहीं छोड़ा। मैंने उनका सिर पकड़कर हल्के धक्के दिए, “चूस रश्मि… आज से तू मेरी रखैल है।”

फिर मैंने मैडम को टेबल पर घोड़ी बनाया। उनकी मोटी गाँड ऊपर थी, मैंने गाल फैलाए और लंड चूत पर रगड़ा। मैडम खुद कूल्हे पीछे धकेल रही थीं, “डाल ना मादरचोद… फाड़ दे आज… 6 महीने से सही से नहीं चुदा हूँ।” मैंने एक जोर का धक्का मारा – आधा लंड अंदर। मैडम चीखीं, “आअह्ह्ह्ह्ह्ह मार डाला… धीरे…” दूसरा धक्का – पूरा लंड जड़ तक। मैंने कमर पकड़कर पेलना शुरू किया – ठप्प्प ठप्प्प ठप्प्प्प्प – टेबल हिल रहा था, कागज इधर-उधर गिर रहे थे। मैडम चिल्ला रही थीं, “हाँ रोहन… ऐसे ही… फाड़ दे चूत को… तेरी रंडी बना दे मुझे… आह्ह्ह्ह ऊउइइइइ ह्हीईईई फिर झड़ रही हूँ।”

फिर मैंने उन्हें शीशे की दीवार के सामने खड़ा किया, पीछे से लंड डाला और उनकी आँखों में आँखें डालकर चोदने लगा। बाहर ऑफिस की लाइट्स दिख रही थीं, अंदर हम चुदाई कर रहे थे। मैडम बोलीं, “देख रोहन… बाहर सब काम कर रहे हैं और यहाँ तेरी मैडम चुद रही है… ओह्ह्ह्ह्ह मर गई।”

आखिर में मैडम मेरे ऊपर चढ़ीं, लंड चूत में लेकर उछलने लगीं, बूब्स लहरा रहे थे, “आज तो मरवा डालेगा क्या… हाँ हाँ पूरा अंदर… आह्ह्ह्ह झड़ रही हूँ चौथी बार।” मैंने फिर घोड़ी बनाया और तेज-तेज धक्के मारकर उनकी चूत में सारा गाढ़ा माल भर दिया।

हम दोनों पसीने से तर, टेबल पर लेटे रहे। मैडम मेरे सीने पर सर रखकर बोलीं, “रोहन… अब रोज लंच ब्रेक में यही प्रेजेंटेशन चलेगा… समझा?” उस दिन के बाद से लंच का मतलब सिर्फ एक ही होता है – मीटिंग रूम का दरवाजा लॉक और मैडम की चूत में मेरा लंड।

कहानी कैसी लगी, कमेंट में बताओ।

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