Submissive slut sex story – Sasti randi sex story – Bf Gf Sex Story: मैं निधि हूँ। 25 साल की गंदी, सस्ती, चूत-प्यासी रंडी। बाहर से बिल्कुल शरीफ लगती हूँ, कॉलेज में अच्छे नंबर लाती हूँ, घरवालों के सामने सीधी-सादी, पर अंदर से लंड की भूखी कुत्तिया हूँ। मेरे मालिक राहुल को ये बात अच्छे से पता है। वो मुझे पहले इतना तड़पाता है कि मैं खुद उसके पैरों पर गिरकर चिल्लाती हूँ, “मालिक चोद लो अपनी रंडी को… फाड़ दो चूत…!”
शुक्रवार रात का वक्त था। मैं अपने छोटे से फ्लैट में अकेली थी। कमरे में सिर्फ़ लाल बल्ब जल रहा था, एसी की ठंडी हवा मेरे नंगे बदन पर लग रही थी। मैं बेड पर नंगी लेटी थी, सिर्फ़ एक पतली काली साटन की नाइटी पेट तक ऊपर सरका रखी थी। मेरी चूत पूरी खुली हुई थी, हल्के गुलाबी होंठ फूले हुए, क्लिट थोड़ी सी बाहर निकली हुई, पानी से चमक रही थी। निप्पल्स गहरे भूरे रंग के, कड़क होकर दर्द कर रहे थे। मैं पहले से ही बेचैन थी क्योंकि शुक्रवार को राहुल हमेशा मुझे कुछ न कुछ नया सताता है।
फोन की स्क्रीन जली। उसका मैसेज आया, “चूत में तीन उंगली डालकर बैठ कुत्तिया, आज तेरी सारी हवस निकालूँगा।”
मेरा दिल धक से रह गया। मैंने तुरंत घुटने मोड़े, पैर फैलाए, तीन उंगलियाँ एक साथ चूत में घुसेड़ दीं। चपचप… चपचप… आवाज़ आने लगी। मेरी साँसें तेज़ हो गईं, आँखें बंद। मैं खुद ही कागज की तरह सोच रही थी कि अब क्या होगा।
फिर शुरू हुआ पोर्न वीडियो का तूफ़ान। एक-एक करके पाँच वीडियो आए। हर वीडियो के साथ उसकी गंदी गालियाँ। मैं देखती जा रही थी, उंगलियाँ चूत में अंदर-बाहर कर रही थी।
- डीपथ्रोट वाला वीडियो – लड़की का गला फूल गया, लार की मोटी धार नीचे गिर रही थी, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग गोग। राहुल ने लिखा, “तेरा गला भी ऐसा ही फाड़ूँगा हरामज़ादी… पूरा लंड गले में उतारूँगा।”
- डबल पेनिट्रेशन – दो मोटे लंड एक साथ चूत में, चपचप.. पचाक पचाक, लड़की की चीखें आह्ह्ह.. ह्हीईई.. ऊईईई। राहुल: “तेरी चूत भी जल्दी दो-दो लंड लेगी रंडी… फाड़कर चौड़ी कर दूँगा।”
- गैंगबैंग – छह लंड, एक रंडी, सब छेद भरे हुए, आखिर में चेहरा वीर्य से तरबतर। राहुल: “देख साली, यही तेरे साथ करूँगा एक दिन… छह लंड तेरी चूत-गांड-मुँह में… पूरा चेहरा माल से नहलाऊँगा।”
- ब्रूटल एनल – 9 इंच का काला लंड गांड में, लड़की रो रही थी “फट गई गांड… फिर भी और डालो!” राहुल: “तेरी गांड की सील तोड़कर तुझे भी ऐसा ही रुलाऊँगा कुत्तिया।”
- BDSM – चाबुक, निप्पल क्लैंप, चूत में वाइब्रेटर, फिर बेरहमी से चुदाई। राहुल: “तेरे निप्पल्स पर क्लैंप लगाकर खींचूँगा, फिर चोदते वक्त चाबुक मारूँगा।”
मेरी हालत खराब। चूत से पानी की बौछारें निकल रही थीं। बेडशीट पूरी गीली। मैंने तकिया चूत पर रखकर रगड़ा, पर उसने पहले ही मना कर रखा था, “बिना मेरे लंड के झड़ना मत हरामज़ादी, वरना तेरी गांड में बोतल ठूँस दूँगा।”
फिर उसका अगला ऑर्डर आया, “अब कॉलेज की तरह प्रार्थना-पत्र लिख। हाथ से लिखना। हर पैरा लिखने के बाद अपनी भीगी चूत कागज़ पर रगड़कर गीला निशान छोड़ना। चार जगह लाल लिपस्टिक से बड़े चुंबन के निशान मारना। और सबसे नीचे अपनी पूरी चूत कागज़ पर दबाकर गीला स्टैम्प लगाना। फिर वो कागज़ हाथ में लेकर मेरे घर आना। मैं उस पर अपने लंड के रस की मुहर लगाऊँगा।”
मैंने वैसा ही किया। एक सादा A4 कागज़ लिया, पेन उठाया, और शुरू हो गई। हर लाइन लिखते हुए कागज़ बेड पर रखती, उस पर अपनी चूत रगड़ती। चप्प… चप्प… चूत का पानी कागज़ पर छप जाता। जगह-जगह गहरे गीले धब्बे। लाल लिपस्टिक लगाकर चार बार होंठ दबाए – चार बड़े गहरे लाल चुंबन के निशान।
फिर सबसे नीचे मैंने पैर फैलाए, कागज़ बेड पर रखा, और अपनी पूरी फूली हुई चूत ज़ोर से कागज़ पर दबा दी। चूत के होंठ फैल गए, क्लिट का निशान भी साफ़ आ गया। पानी चारों तरफ़ फैल गया। कागज़ अब पूरी तरह चिपचिपा, चूत की महक से भरा हुआ था।
अर्जी लिखी:
अत्यंत गोपनीय एवं घिनौना प्रार्थना-पत्र
दिनांक: 1 दिसंबर 2025 सेवा में,
मेरे लंडधारी, चूतफाड़क, गांडमारक, वीर्यदाता मालिक राहुल महाराज,
विषय: आपकी नंबर-1 सस्ती, गंदी, चूत-प्यासी रंडी की तत्काल चुदाई की गिड़गिड़ाती विनती
मालिक जी,
आपके चरणों में कोटि-कोटि लंड-चुंबन और चूत रगड़ते हुए निवेदन है कि आपकी यह नीची, गंदी, हरामी, लंड-की-भूखी रंडी निधि पिछले 2 घंटे से आपके भेजे हुए घिनौने पोर्न देखकर अपनी चूत को पागल कर चुकी है। मेरी चूत से इतना पानी बह रहा है कि पूरा बेड और फर्श तरबतर हो गया है। मेरे निप्पल्स पत्थर जैसे कड़े होकर दर्द कर रहे हैं। मैंने 12 बार उंगली से चूत चोदी, पर आपकी आज्ञा के बिना झड़ी नहीं। मेरी चूत अब आपका मोटा, काला, नसों वाला 7 इंच का लंड चिल्ला-चिल्ला कर मांग रही है।
मैं आपके पैरों पर गिरकर, रो-रोकर, गिड़गिड़ाकर, चिल्ला-चिल्ला कर विनती करती हूँ – मालिक कृपया आज अपनी इस सस्ती वेश्या को बुलाकर पहले उसका मुँह चोदो, फिर चूत फाड़ो, और अगर मूड हो तो मेरी गांड में भी अपना मोटा लंड घुसेड़ दो। मैं आपके गरम-गरम, गाढ़े वीर्य की हर बूंद अपने गले में उतारना चाहती हूँ।
मैं वादा करती हूँ कि चुदाई के बाद आपका लंड चाट-चाटकर साफ़ करूँगी और सारा माल गटक जाऊँगी।
यदि आज नहीं चोदा तो मैं सच में किसी रोड के किनारे खड़ी होकर चुदवा लूँगी – पर मैं सिर्फ़ आपकी रंडी हूँ। मेरी चूत, गांड, मुँह, बूब्स – सब आपका है मालिक। कृपया दया करो और अपनी इस प्यासी कुत्तिया की चूत में अपना लंड घुसेड़ दो।
आपकी स्थायी रंडी, वेश्या,
गुलाम कुत्तिया,
निधि (लाल लिपस्टिक से चार बड़े-बड़े चुंबन के निशान)
(सबसे नीचे – मेरी पूरी चूत का गीला, चिपचिपा स्टैम्प)
(लिखा: “मैं तैयार हूँ – चूत भीगी, गांड साफ़, मुँह खुला, निप्पल्स कड़े – बस आपके लंड का इंतज़ार”)
फोटो भेजी तो जवाब आया, “11:30 बजे आ रंडी। काली ट्रांसपेरेंट साड़ी, अंदर कुछ नहीं। अर्जी का कागज़ हाथ में लेकर घुटनों के बल रेंगकर आना।”
मैंने जल्दी-जल्दी नहाया नहीं, बस चूत और गांड अच्छे से साफ की, काली ट्रांसपेरेंट शिफॉन साड़ी पहनी, अंदर कुछ नहीं। साड़ी इतनी पतली थी कि मेरे गहरे भूरे निप्पल्स और चूत के बाल साफ़ दिख रहे थे। अर्जी का कागज़ मुट्ठी में कसकर पकड़ा और निकल पड़ी।
11:28 पर उसके फ्लैट के दरवाज़े पर थी। दरवाज़ा खुला था। मैंने साड़ी का पल्लू जानबूझकर गिराया, घुटनों के बल रेंगती हुई बेडरूम में पहुँची। घुटने दर्द कर रहे थे, पर चूत और तेज़ भीग गई। राहुल नंगा बैठा था, उसका 7 इंच का मोटा, काला, नसों वाला लंड पहले से खड़ा, सुपारा गुलाबी-लाल, चमक रहा था।
उसने कागज़ मेरे हाथ से छीना, सूँघा, जीभ से चाटा, मेरी चूत की महक ली, फिर बोला, “हरामज़ादी, तेरी चूत का स्टैम्प देखकर मेरा लंड फटने को है।” उसने अपना लंड हिलाया, सुपारे से चिपचिपा प्री-कम निकला, उंगली से उठाकर मेरी चूत के स्टैम्प के ठीक ऊपर “पास” लिखा और लंड के रस की गोल मुहर लगा दी।
फिर कागज़ मेरे मुँह पर मारते हुए बोला, “ले साली, तेरी चुदाई की छुट्टी पास। अब साबित कर कि तू सच में मेरी सस्ती रंडी है।”
उसने मेरे लंबे बाल मुट्ठी में कसे, साड़ी एक झटके में फाड़ दी। कपड़ा फटने की आवाज़ गूँजी। मैं पूरी नंगी उसके सामने। उसने अपना गरम लंड मेरे मुँह में ठूँस दिया, “चूस कुत्तिया… पूरा गले में ले… हाँ वैसे ही… खरखर कर… लार टपका… ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गों गों गोग गोग… बोल, तू मेरी क्या है?”
मैं लंड मुँह में लिए बुदबुदाई, “तेरी सस्ती रंडी… तेरी गंदी वेश्या… तेरी लंड-चूसने वाली कुत्तिया…”
वो मेरे सिर को ज़ोर-ज़ोर से चोद रहा था। लार मेरे बूब्स पर गिर रही थी। आँखों से पानी। “हाँ साली… ले पूरा… गला फाड़ दूँगा… चूस जैसे तेरी जान इसमें है… हाँ मेरी रंडी… मेरी वेश्या…”
फिर उसने मुझे बेड पर ज़ोर से पटका। मेरे निप्पल्स को दाँतों से काटा, खींचा, चबाया। “आह्ह्ह मालिक… और जोर से काट… दर्द दे अपनी रंडी को… हाँ चूस इन गंदे निप्पल्स को… आह इह्ह ओह्ह…”
तीन मोटी उंगलियाँ एक साथ मेरी चूत में ठूँस दीं। तेज़ी से अंदर-बाहर। चपचप… चपचप… पचपच। “तेरी चूत तो झरना छोड़ रही है साली… बोल किसका लंड चाहिए?”
“तेरा मालिक… सिर्फ़ तेरा मोटा लंड… चोद मुझे… फाड़ दे चूत… मैं तेरी सस्ती रंडी हूँ… आह्ह्ह.. ह्ह्ह.. ऊईईई…”
उसने मेरे पैर कंधों पर रखे, चूत पूरी खुल गई। अपना गरम, नसों वाला लंड सटाया और एक झटके में जड़ तक पेल दिया। “ले हरामज़ादी… ले पूरा… बोल थैंक्स मालिक!”
“थैंक्स मालिक… आह्ह्ह्ह… फाड़ दी चूत… और जोर से ठोक… मैं तेरी रंडी हूँ… रोज़ चोद… मेरी चूत तेरी है… आह ह ह ह ह्हीईईई… आअह्ह्ह्ह…”
वो मुझे चोदते-चोदते गंदी बातें बोल रहा था, “कितनों ने तेरी चूत मारी है साली?”
“सिर्फ़ तू मालिक… बस तू ही चोदता है अपनी रंडी को…”
“झूठी कुत्तिया… अगली बार तेरी सहेली के सामने चोदूँगा… दोनों को एक साथ फाड़ूँगा…”
फिर उसने मुझे डॉगी में घुमाया। बाल मुट्ठी में कसकर पकड़े, पीछे से ज़ोर-ज़ोर के ठोके मारने लगा। चप-चप-चप-चप… कमरे में सिर्फ़ मेरी चीखें और चूत की आवाज़। “ले… ले… सुन अपनी चूत की आवाज़… बोल मैं क्या हूँ?”
“तू मेरा मालिक… मैं तेरी सस्ती रंडी… गांड भी मार ले… दोनों छेद तेरे… आह्ह्ह.. ह्ह.. आऊऊऊ… ऊईईई…”
मैं झड़ने वाली थी। पूरा बदन काँप रहा था। “मालिक… मुझे झड़ने दे… तेरी रंडी झड़ना चाहती है… प्लीज़…”
“झड़ साली… मेरे लंड पर फव्वारा छोड़… हाँ देख कितना पानी… मेरी रंडी… मेरी वेश्या… ऊऊ.. उईईईई…”
मैं ज़ोर से चीखी और झड़ गई। चूत से गरम पानी की तेज़ धार निकली। फिर उसने मुझे घुटनों पर बिठाया, लंड मुँह में ठूँसा, “ले मेरा माल… पी जा सारा… एक बूंद भी बाहर मत गिराना हरामज़ादी…”
गरम-गरम, गाढ़ा, नमकीन वीर्य मेरे गले में उतरता गया। मैंने सब पी लिया, आखिरी बूंद तक जीभ से चाटी, लंड चमकाया।
वो मेरे पास लेट गया, मेरे निप्पल्स मसलते हुए बोला, “अगला प्रार्थना-पत्र कब लिखेगी मेरी प्यासी रंडी?”
मैंने उसका लंड मुँह में लेकर बुदबुदाई, “जब भी तू वीडियो भेजेगा मालिक… मैं तो तेरी गुलाम रंडी हूँ… तेरे लंड के बिना मर जाऊँगी…”