गर्लफ्रेंड को सरप्राइज में चोदकर बर्थडे मनाया – Hindi Sex Stories – LustMasti1 min read

Boyfriend Girlfriend sex story – Birthday fuck sex story – College girl birthday celebration sex story: मैं और अनुष्का एक ही ट्यूशन क्लास में जाते थे, वो जगह जहाँ मैथ्स और साइंस की पढ़ाई होती थी, दिल्ली के एक व्यस्त इलाके में। जब वो पहली बार क्लास में आई, तो मैंने उसे देखा और दिल में एक अजीब सी मीठी हलचल हुई। सच में, पहली बार किसी लड़की को देखकर मन में कोई गंदा ख्याल नहीं आया, बस एक प्यारी सी फीलिंग थी। वो बहुत क्यूट लग रही थी, उसके बाल कंधों तक लहराते हुए, आँखें बड़ी-बड़ी और मुस्कान ऐसी कि किसी को भी घायल कर दे। उसका फिगर करीब 34-30-34 का होगा, स्लिम लेकिन कर्व्स परफेक्ट, वो जींस और टॉप में आती थी जो उसके बॉडी को हाइलाइट करता था। क्लास में वो आगे की बेंच पर बैठती, और मैं पीछे से बस उसे ही ताड़ता रहता।

ट्यूशन में रोज वो आती, और मैं बस उसी पर फोकस करता। वो नोट्स बनाती, टीचर से सवाल पूछती, और कभी-कभी पीछे मुड़कर देखती तो मैं नजरें चुरा लेता। लेकिन उसने ये सब नोटिस कर लिया था। उसकी एक क्लोज फ्रेंड थी सोनाली, जो मेरे साथ थोड़ी बात करती थी। एक दिन क्लास के बाद मैंने सोनाली को रोककर कहा, “यार, मुझे अनुष्का बहुत पसंद है, तू उसे बता दे ना कि मैं उसे लाइक करता हूँ।” सोनाली ने हँसकर मना कर दिया, बोली, “नहीं यार, वो ऐसी लड़की नहीं है, प्यार-व्यार में नहीं पड़ती। तू खुद ट्राई कर।” मैंने सोचा ठीक है, लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी।

कुछ दिन ऐसे ही गुजरे, मैं उसे प्यार भरी नजरों से देखता रहता। कभी वो मुस्कुरा देती, कभी गुस्से में घूरती, लेकिन उसके उस गुस्से में भी मुझे प्यार नजर आता था। जैसे वो कह रही हो, “क्या देख रहे हो?” लेकिन आँखों में शरारत होती। क्लास में ब्रेक के दौरान वो और सोनाली हँसती-बतियातीं, और मैं दूर से सुनता कि वो कॉलेज की पढ़ाई, फ्रेंड्स और फैमिली की बातें करती। वो कॉलेज में फर्स्ट ईयर थी, 19 साल की, और मैं भी 20 का, दोनों ही दिल्ली में रहते थे लेकिन अलग-अलग इलाकों में।

फिर एक दिन क्लास खत्म होने के बाद मैंने हिम्मत जुटाई। वो बाहर निकल रही थी, मैं उसके पास गया और बोला, “हाय अनुष्का, मैं शुभम हूँ, हमारी क्लास में ही हूँ।” वो रुकी, थोड़ा चौंककर देखा और बोली, “हाँ, पता है। क्या बात है?” मैंने नर्वस होकर कहा, “तुम्हें देखकर अच्छा लगता है, मतलब… आई लाइक यू।” वो थोड़ा सख्त हो गई, बोली, “देखो, मुझे प्यार-व्यार पसंद नहीं, मैं पढ़ाई पर फोकस करती हूँ।” मैंने जल्दी से कहा, “अरे, ठीक है, कोई बात नहीं। हम फ्रेंड्स तो बन सकते हैं ना? बस बातें करेंगे।” वो थोड़ा सोची और बोली, “ओके, फ्रेंड्स। लेकिन कुछ ज्यादा मत सोचना।” मैं खुश हो गया, हमने नंबर एक्सचेंज किए।

उसके बाद हमारी बातें शुरू हो गईं। दिन में मैसेज, लेकिन ज्यादा रात को। क्लास की बातें, होमवर्क, कभी मजाक। सोने से पहले मैं रोज उसे “गुड नाइट, आई लव यू” भेजता। पहले तो वो कुछ नहीं कहती, बस “गुड नाइट” रिप्लाई करती। लेकिन धीरे-धीरे वो भी खुलने लगी। एक रात वो बोली, “तुम बहुत जिद्दी हो, रोज ये बोलते हो।” मैंने कहा, “क्योंकि सच है।” फिर कुछ दिनों बाद एक रात उसने खुद मैसेज किया, “गुड नाइट, आई लव यू टू।” मैं तो उछल पड़ा बेड से। अगले दिन क्लास में उसे देखा तो वो शरमा रही थी। उस दिन मैंने अपने फ्रेंड्स और उसके फ्रेंड्स को पार्टी दी, पिज्जा और कोक की, सबने मजाक उड़ाया लेकिन खुश थे।

अब हमारी बॉन्डिंग स्ट्रॉन्ग हो गई थी। एक दिन मैंने मैसेज किया, “मिलते हैं ना? क्लास के बाहर।” वो बोली, “ओके, लेकिन कहाँ?” मैंने कहा, “ग्रीन पार्क के पास डियर पार्क में, वहाँ शांत है।” उसने हाँ कर दी, लेकिन बोली कि कॉलेज बंक करके आएगी। अगले दिन हम मिले, वो जींस और टॉप में आई, बाल खुले, लिपस्टिक लगाई हुई। हम पार्क में घूमे, बातें कीं। फिर एक बेंच पर बैठे। मैंने कहा, “एक किस?” वो बोली, “नहीं।” लेकिन मैंने गाल पर मांगी, उसने दे दी। फिर मैंने उसके दोनों हाथ पकड़े, पास खींचा। वो शरमाई, लेकिन नॉटी स्माइल दी। मैंने होंठों पर किस कर ली, धीरे से। वो पहले थोड़ा पीछे हटी, लेकिन फिर साथ देने लगी। हमारी जीभें मिलीं, वेट किस, स्लो और पैशनेट। मैंने धीरे से हाथ उसके पेट पर रखा, सहलाया। वो सूट और लेगिंग में थी उस दिन, फैब्रिक सॉफ्ट था। पेट सहलाते हुए हाथ ऊपर ले गया, उसके स्तनों की तरफ।

वो थोड़ा रोकने की कोशिश की, बोली, “शुभम, नहीं…” लेकिन किस जारी थी। मैं नहीं माना, धीरे से एक स्तन दबाया। वो उछल पड़ी, जैसे करंट लगा हो, “आह…” की हल्की सी आवाज निकली। मैंने दोनों स्तनों को मसलना शुरू किया, किस करते-करते। वो बीच-बीच में उछलती, सांस तेज हो गई। पार्क में लोग कम थे, लेकिन हम सावधान थे। फिर हम डियर पार्क के उस पुराने खंडहर में गए, जहाँ छोटे-छोटे कमरे जैसे स्पेस हैं, दिल्ली वाले जानते हैं। वहाँ अंदर जाकर मैंने उसे दीवार से सटाया, फिर किस की। हाथ नीचे ले गया, लेगिंग के ऊपर से उसकी जांघों को सहलाया। वो मना कर रही थी, “शुभम, कोई देख लेगा…” लेकिन मैंने उंगली से उसकी चूत की लाइन पर रगड़ा। वो सिहर उठी, “ओह्ह… मत करो…” लेकिन बॉडी रिएक्ट कर रही थी। मैंने लेगिंग थोड़ी नीचे की, पैंटी के अंदर उंगली डाली। वो गीली हो चुकी थी। धीरे-धीरे उंगली अंदर-बाहर की, वो मोअन करने लगी, “आह… शुभम… उई…” हमने वो सेशन खत्म किया, लेकिन पूरा सेक्स नहीं किया।

ऐसे कई बार मिले। कभी पार्क में, कभी कैफे के कोने में। हर बार थोड़ा आगे जाते। एक बार मैंने उसके स्तन देखे, ब्रा ऊपर करके चूसे। वो बोली, “बहुत अच्छा लग रहा है… आह्ह…” लेकिन पूरा नहीं कर पाए, क्योंकि टाइम या जगह की प्रॉब्लम। मैं सोचता कि कब मौका मिलेगा। फिर उसके बर्थडे का टाइम आया। वो फरवरी में था, 2024 का। मैंने प्लान बनाया कि भैया का फ्लैट संगम विहार में खाली है, वहाँ सेलिब्रेट करेंगे। बर्थडे से एक दिन पहले मैसेज किया, “अनुष्का, तेरे लिए सरप्राइज है।” वो बोली, “अच्छा? क्या है वो?” मैंने कहा, “कल साकेत मेट्रो पर मिल, सुबह 10 बजे।” वो बोली, “ओके जी, जैसा तुम कहो।”

अगले दिन वो आई, सिंपल ड्रेस में, शर्ट और जींस, बाल पोनी में। मैं उसे लेकर फ्लैट पर गया। दरवाजा खोला तो अंदर गुब्बारे लटके हुए, केक टेबल पर, गुलाब की पंखुड़ियाँ बिखरी हुईं, और बेडसाइड पर कंडोम का पैकेट छुपाकर रखा। वो देखकर खुश हो गई, जोर से हग किया, बोली, “ओह शुभम, थैंक्यू सो मच!” हमने केक काटा, एक-दूसरे को खिलाया, गाने सुने। फिर वो बोली, “ये सब बहुत प्यारा है।” मैंने कहा, “लेकिन इससे काम नहीं चलेगा, किस तो दे।” वो पास आई, मैं सोफे पर बैठा था। उसका हाथ पकड़कर नीचे खींचा, वो मेरी गोद में बैठ गई। फिर वाइल्ड किस शुरू, जीभें लड़ रही थीं, हाथ उसके बालों में।

वो एक्साइटेड हो रही थी, सांस तेज। मैंने उसे बेड पर लिटाया, शर्ट के बटन खोलने लगा। अंदर येलो कैमिसोल थी, ब्रा नहीं। मैंने ऊपर से ही स्तनों को दबाया, वो सिहर उठी, “आह्ह… शुभम… करंट लग रहा है…” मैंने कैमिसोल ऊपर की, उसके गोल-गोल स्तन नंगे, निप्पल्स हार्ड। मैंने एक को मुँह में लिया, चूसा। वो मोअन कर रही थी, “ओह्ह… चूसो… हाँ…” दूसरा हाथ जींस पर, बटन खोला, जिप नीचे की। जींस उतारी, अब वो काली पैंटी में थी, बहुत सेक्सी लग रही। वो मुझे घूर रही थी, बोली, “तुम भी उतारो ना।” मैंने शर्ट और पैंट उतारी, अंडरवियर में मेरा लंड तना हुआ था। वो देखकर हँसी, बोली, “क्या ये मेरे अंदर जाएगा? इतना बड़ा…”

मैंने अंडरवियर उतारा, लंड बाहर आया, 6 इंच का, कड़ा। वो बोली, “ओह… डालोगे मेरे अंदर?” मैंने कहा, “हाँ मेरी जान, आज तुझे पूरा मजा दूँगा।” फिर मैंने उसे किस किया, एक हाथ स्तन पर, दूसरा पैंटी पर रगड़ता। वो गीली हो गई, पैंटी उतारी। उसकी चूत साफ, टाइट, गुलाबी। मैं नीचे गया, स्तनों को चूसते हुए पेट पर किस किया, फिर चूत पर जीभ रखी। वो उछल पड़ी, “आह्ह… शुभम… क्या कर रहे हो… ओह्ह…” मैंने जीभ से चाटना शुरू किया, उंगली डाली। वो मचल रही थी, “उई… और चाटो… मेरी चूत… आह्ह… लव यू… हाँ… गी… गी…” 10 मिनट में वो दो बार झड़ी, बॉडी काँप रही थी।

मैंने कहा, “अब मेरा चूसो।” वो बोली, “नहीं, मुझे नहीं आता।” मैंने जोर नहीं दिया। फिर लंड को उसकी चूत पर रगड़ा। वो बोली, “प्लीज डालो… मत तड़पाओ… मेरी चूत में डालो अपना लंड…” मैंने एक धक्का मारा, लेकिन टाइट थी। केक की क्रीम लंड पर लगाई, फिर धक्का। दो इंच अंदर गया, वो चिल्लाई, “आह्ह… दर्द हो रहा… निकालो…” आँखों में आँसू। मैंने किस किया, शांत किया। 2 मिनट बाद फिर धक्का, पूरा लंड अंदर। वो फिर चिल्लाई, “ओह्ह… फट गई… आह्ह…” लेकिन किस से आवाज दबी। कुछ देर रुका, फिर धीरे-धीरे चोदना शुरू। वो कमर उठाने लगी, “हाँ… अब अच्छा लग रहा… चोदो मुझे… आह्ह… तेज…” मैंने स्पीड बढ़ाई, स्तनों को दबाया। “तेरी चूत कितनी टाइट है… मजा आ रहा… आह…” वो मोअन कर रही, “शुभम… चोदो… मेरी चूत तेरी है… ओह्ह… ह्ह… उई… आह्ह…” 10 मिनट में वो तीन बार झड़ी, मैं भी कंडोम में झड़ गया।

टाइम देखा, 12:30 हो रहे थे, कॉलेज छूटने वाला था। वो उठी, देखा चूत पर खून, वो शरमाई। वॉशरूम गई, मैं पीछे गया, कंडोम फेंका, उसकी चूत साफ की, फिर चाटी। वो बोली, “फिर से? आह्ह…” लेकिन टाइम नहीं था। हमने ड्रेस पहनी, घर गए। वो दिन यादगार था, हमारी लव लाइफ का पहला पूरा चैप्टर।

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